ईरान के एक स्कूल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में बड़ी संख्या में मासूम बच्चों और शिक्षकों की जान गई। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मामले पर अपनी बात रखी है और माना है कि युद्ध के माहौल में गलतियां हो सकती हैं।

क्या था पूरा मामला

यह हमला 28 फरवरी 2026 को ईरान के Hormozgan प्रांत के Minab में स्थित Shajareh Tayyebeh Elementary School पर हुआ था। उस समय अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच टकराव चल रहा था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस हमले में 155 लोग मारे गए, जिनमें 73 लड़के, 47 लड़कियां, 26 शिक्षक और कुछ अभिभावक शामिल थे।

हमले की वजह और अमेरिकी जांच

शुरुआती जांच और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि यह हमला अमेरिकी Tomahawk cruise missile से हुआ था। माना जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने पुराने डेटा का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से निशाना गलत हो गया। वह इमारत पहले IRGC बेस हुआ करती थी, लेकिन बाद में उसे स्कूल में बदल दिया गया था।

इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने एक बड़ी जांच शुरू की। 17 जून 2026 को G7 समिट के दौरान Donald Trump ने कहा कि किसी ने जानबूझकर स्कूल को निशाना नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि युद्ध में ऐसी गलतियां हो जाती हैं और वह जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

ताजा अपडेट और प्रतिक्रिया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने अपनी जांच पूरी कर ली है, लेकिन US Central Command ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। सुरक्षा विशेषज्ञों को डर है कि सरकार शायद पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक न करे।

वहीं 24 जून 2026 को ईरान की वर्ल्ड कप टीम ने इन पीड़ितों को याद किया। खिलाड़ियों ने अपनी ड्रेस पर ‘168’ नंबर के पिन लगाए, जो मरने वालों की संख्या को दर्शाता है और शांति की अपील की।