Geneva में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के सत्र के बाद ईरान के स्थायी प्रतिनिधि Ali Bahreini ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने 28 फरवरी 2026 को दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। इस भीषण हमले में लगभग 150 से 175 छात्राओं की जान चली गई थी।

👉: West Bank में तलवारें लेकर घूम रहे Settlers, Al Jazeera के पत्रकार ने बताई हैरान करने वाली ग्राउंड रिपोर्ट

मीनाब स्कूल हमले की पूरी कहानी क्या है?

ईरान की न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, यह घटना 28 फरवरी को हुई थी जब दक्षिणी ईरान के मीनाब में लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय पर मिसाइल गिरी थी। इस घटना के बाद 3 मार्च को बड़े स्तर पर अंतिम संस्कार किया गया जिसका प्रसारण देश भर में हुआ।

खोजी पत्रकारिता करने वाली संस्था Bellingcat ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि यह एक अमेरिकी Tomahawk मिसाइल थी। यह मिसाइल पास के ही एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर दागी गई थी जो गलती से स्कूल के पास गिरी। इस सबूत के सामने आने के बाद ईरान ने इसे वॉर क्राइम करार दिया है।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र का इस मामले पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में 7 मार्च को कहा था कि ईरान की खुद की खराब मिसाइल के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि नए सबूतों के बाद Pentagon और CENTCOM इस मामले की जांच कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह माना है कि उनसे टारगेट पहचानने में भारी गलती हुई है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के जानकारों ने इसे गैर-कानूनी हमला माना है। उनका कहना है कि स्कूल और अस्पताल पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। ईरान के प्रतिनिधि Ali Bahreini ने कहा कि युद्ध उनका विकल्प नहीं था बल्कि उन पर थोपा गया है और वे UN चार्टर के तहत जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.