ईरान में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए अमेरिकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। इस हमले में करीब 170 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज़्यादातर छोटी बच्चियां थीं। अब अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इस घटना पर अपना बयान दिया है, जिससे यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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ईरान के स्कूल पर हमला और हताहतों का विवरण क्या है?

यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में 165 से 175 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में ज़्यादातर 7 से 12 साल की बच्चियां शामिल थीं। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 4 मार्च 2026 को कहा था कि इस घटना की जांच की जा रही है और अमेरिकी सेना कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।

जांच में क्या सामने आया और अमेरिका का क्या कहना है?

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि इस हमले के लिए अमेरिकी सेना ज़िम्मेदार हो सकती है। बताया गया कि पुरानी खुफिया जानकारी की वजह से यह गलती हुई, क्योंकि वह स्कूल पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का नेवल बेस हुआ करता था। इसी बात को लेकर Human Rights Watch और कई अमेरिकी सांसदों ने सरकार से जवाब मांगा है। सांसद Adam Smith ने कहा कि यह एक बड़ी गलती थी और दो महीने बाद भी चुप्पी साधना गलत है।

अब तक की ताज़ा स्थिति और विवाद क्या है?

29 अप्रैल 2026 को Al Jazeera ने बताया कि Pete Hegseth के मुताबिक मामला अभी भी जांच के दायरे में है। वहीं, The Guardian की रिपोर्ट के अनुसार, Hegseth को जल्द ही सांसदों के सवालों का सामना करना होगा। कुछ पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने भी पेंटागन की आलोचना की है क्योंकि उन्होंने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से बात नहीं की। दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरू में इसका दोष ईरानी हथियारों पर मढ़ा था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के स्कूल पर हमला कब हुआ था?

यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था, जिसमें करीब 170 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज़्यादातर छोटी बच्चियां थीं।

इस हमले के लिए कौन ज़िम्मेदार माना जा रहा है?

शुरुआती रिपोर्ट्स और जांच के अनुसार, अमेरिकी सेना पुराने डेटा के कारण गलती से इस स्कूल को निशाना बना बैठी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.