अमेरिका और इसराइल के हमलों ने ईरान में भारी तबाही मचाई है। सरकारी प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने जानकारी दी कि इन हमलों में देश के सैकड़ों स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से कई स्कूल पूरी तरह से मलबे में बदल चुके हैं। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है।

स्कूलों और इमारतों को कितना नुकसान पहुँचा?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 अप्रैल तक कुल 942 स्कूल क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 18 स्कूल पूरी तरह नष्ट हो गए। इससे पहले 5 अप्रैल को बताया गया था कि 12 प्रांतों में 1 लाख 5 हजार से ज्यादा नागरिक इमारतें टूटी हैं। नुकसान की पूरी लिस्ट नीचे दी गई है:

  • कुल क्षतिग्रस्त स्कूल: 942
  • पूरी तरह नष्ट स्कूल: 18
  • नागरिक इमारतें: 1,05,000 से ज्यादा
  • मेडिकल सेंटर: 322
  • लाइब्रेरी: 55

Minab स्कूल हमला और दुनिया का रुख

Minab के Shajarah Tayyebeh गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले ने काफी विवाद खड़ा किया। अमेरिकी सेना की जांच में यह बात सामने आई कि पुरानी और गलत जानकारी की वजह से उनके सैनिकों ने यह हमला किया था। ईरान के UN राजदूत Amir Saeid Iravani ने इस कार्रवाई को बर्बरता करार दिया। वहीं UN मानवाधिकार परिषद ने भी इस मामले पर गंभीर चर्चा की है और जांच की मांग की है।

शांति वार्ता और ईरान का जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच शांति बातचीत 12 अप्रैल को बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। दोनों देशों ने इस विफलता के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। ईरान सरकार ने साफ किया है कि वह इस हमले के बाद चुप नहीं बैठेगी। सरकार अब इस मामले में कानूनी और राजनीतिक कदम उठाएगी ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.