ईरान में अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद स्कूलों की हालत बहुत खराब हो गई थी। शिक्षा मंत्री अलीरेज़ा काज़ेमी ने बताया कि अब तक 1,300 में से 775 स्कूलों को दोबारा ठीक कर लिया गया है। हालांकि, करीब 20 स्कूल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और बच्चों की पढ़ाई अभी भी मुश्किलों से जूझ रही है।

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हमलों में कितना नुकसान हुआ और कितने लोग मारे गए?

ईरान के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 345 छात्र और शिक्षक मारे गए, जिनमें 278 छात्र और 67 शिक्षक शामिल थे। करीब 222 शिक्षा कर्मचारी घायल हुए। 28 फरवरी को मीनाब के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में 168 लोगों की जान गई, जिनमें ज़्यादातर 7 से 12 साल की लड़कियाँ थीं। ईरान ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है।

अब स्कूलों में पढ़ाई कैसे हो रही है?

मंत्री काज़ेमी ने कहा कि फिलहाल स्कूलों को पूरी तरह खोलने का कोई प्लान नहीं है। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए वर्चुअल ट्रेनिंग यानी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। जो इलाके ज़्यादा प्रभावित हुए हैं, वहां इन-पर्सन और रिमोट लर्निंग दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, साइंस मिनिस्टर के मुताबिक 30 से ज़्यादा यूनिवर्सिटीज़ को भी बमबारी में नुकसान पहुँचा है।

किन शहरों पर असर पड़ा और दुनिया का क्या कहना है?

तेहरान, होरमुज़गान, मरकज़ी और पूर्वी अज़रबैजान जैसे प्रांत सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे। ईरान ने यूनेस्को (UNESCO) और यूनिसेफ (UNICEF) जैसी संस्थाओं से इन हमलों की निंदा करने की माँग की है। वहीं, ह्यूमन राइट्स वॉच ने मीनाब स्कूल हमले को युद्ध अपराध बताया है। सरकार का अनुमान है कि सभी स्कूलों को फिर से बनाने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com