तेहरान की मशहूर शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में हाल ही में हुए हमलों के बाद ईरान के विज्ञान मंत्री और संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि ने वहां का दौरा किया है। 9 अप्रैल 2026 को हुए इस दौरे का मुख्य उद्देश्य हमले से प्रभावित हुई जगहों को देखना और वहां के हालात का जायजा लेना था। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रतिष्ठित संस्थान को अमेरिका और इजरायल की ओर से निशाना बनाया गया है जिससे काफी नुकसान हुआ है।

ℹ: Kuwait और Turkey के बीच हुई बड़ी बातचीत, क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति को लेकर विदेश मंत्रियों ने मिलाया हाथ.

हमले में क्या-क्या हुआ नुकसान और क्या है ताजा स्थिति?

इस हमले में यूनिवर्सिटी की कई महत्वपूर्ण इमारतों और सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि दुश्मन ने जानबूझकर ऐसी जगहों को निशाना बनाया जो देश की तरक्की के लिए जरूरी हैं। हालांकि नुकसान के बावजूद यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन क्लासेज जारी रखने की कोशिश की जा रही है।

  • यूनिवर्सिटी का आईटी सेंटर और डेटा सेंटर पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
  • एक गैस सबस्टेशन, मस्जिद और कई प्रयोगशालाओं में तोड़फोड़ हुई है।
  • गनीमत रही कि शरीफ यूनिवर्सिटी के अंदर किसी की मौत की खबर नहीं है।
  • यह यूनिवर्सिटी ईरान में इंजीनियरों और वैज्ञानिकों का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है।

ईरान सरकार और अधिकारियों का क्या कहना है?

ईरान के विज्ञान मंत्री हुसैन सिमाई-सर्रफ ने इस घटना को बड़ा अपराध बताया है और जानकारी दी है कि अब तक देश की कई यूनिवर्सिटी पर हमले हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने साफ किया है कि वे जल्द ही मरम्मत का काम शुरू करेंगे और शोध कार्य जारी रखेंगे। नीचे दी गई टेबल में इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें देखी जा सकती हैं:

विवरण मुख्य जानकारी
दौरे की तारीख 9 अप्रैल 2026
हमले की तारीख 3 और 6 अप्रैल 2026
प्रभावित यूनिवर्सिटी Sharif University of Technology
कुल प्रभावित संस्थान 30 से ज्यादा यूनिवर्सिटी
हताहतों की संख्या कुल 5 प्रोफेसर और 60 से ज्यादा छात्र (विभिन्न हमलों में)

ईरान के उप-राष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि बमों के जरिए ईरान के ज्ञान और विज्ञान को खत्म नहीं किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट मसूद तजरीशी ने कहा कि दुश्मन हमारी वैज्ञानिक प्रगति को रोकना चाहता है लेकिन हमारे विद्वान इसका जवाब काम से देंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.