ईरान के सुरक्षा प्रमुख Ali Larijani ने 16 मार्च 2026 को दुनिया भर के मुस्लिम देशों के लिए एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि अमेरिका कभी वफादार नहीं हो सकता और इजरायल मुसलमानों का दुश्मन है। अल जज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य लड़ाई में मजबूती से डटे रहने की बात कही है। इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने उन पड़ोसी देशों पर भी नाराजगी जताई है जो अमेरिकी सेना को अपने यहाँ जगह दिए हुए हैं।

ईरान ने 6 सूत्रीय लेटर में क्या कहा?

Ali Larijani ने एक आधिकारिक लेटर जारी कर मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे पश्चिमी देशों के साथ अपने रिश्तों पर दोबारा विचार करें। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल कूटनीतिक बातचीत के नाम पर धोखा देते हैं।

  • ईरान ने साफ किया है कि अपनी रक्षा के लिए कदम उठाना उनका हक है।
  • मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी अमेरिकी बेस अब उनके निशाने पर हैं।
  • ईरान ने उन देशों पर निराशा जताई जो अमेरिका को बेस बनाने देते हैं लेकिन ईरान को अपना दुश्मन मानते हैं।
  • उन्होंने यह भी कहा कि ईरान क्षेत्र पर कब्जा नहीं करना चाहता बल्कि इस्लामिक देशों की एकता चाहता है।

IRGC ने दी फैक्ट्रियों को खाली करने की चेतावनी

सुरक्षा प्रमुख के संदेश के तुरंत बाद ईरान की सेना IRGC ने भी बड़ी चेतावनी जारी कर दी है। उन्होंने कहा है कि उन सभी इंडस्ट्री और फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जाएगा जो अमेरिका पर निर्भर हैं या जहाँ अमेरिकियों का पैसा लगा है। सेना ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऐसे औद्योगिक इलाकों से तुरंत दूर चले जाएं।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी और इजरायली हमलों में उनके कई नागरिक मारे गए हैं। यह विवाद पिछले तीन हफ्तों से चल रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में समुद्री रास्तों को भी रोक दिया है, जिससे दुनिया भर की 20 प्रतिशत तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.