Strait of Hormuz Closed: ईरान ने किया साफ, अमेरिका जब तक नहीं मानेगा शर्तें तब तक बंद रहेगा होर्मुज जलडमरूमध्य.

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के नए सचिव Mohsen Rezaei ने 11 और 12 अगस्त 2026 को यह बड़ा ऐलान किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक पूरी तरह से बंद रहेगा जब तक अमेरिका ईरान की सभी मांगें नहीं मान लेता है। 9 अगस्त को अपना पद संभालने वाले रजाई ने यह साफ कर दिया है कि हाल ही में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के दौरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक ये कड़ी शर्तें पहुंचा दी गई हैं। इस बड़े फैसले से खाड़ी देशों और वहां आने-जाने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस रास्ते से दुनिया भर का तेल और व्यापार होता है।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखी हैं कौन सी बड़ी शर्तें
ईरान की तरफ से जो मुख्य शर्तें रखी गई हैं उनमें लेबनान और गाजा के युद्ध को तुरंत खत्म करना शामिल है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी प्रतिबंधों और नाकाबंदी को हटाने, ईरान की फंसी हुई संपत्ति को वापस करने और पूरे क्षेत्र में युद्धविराम यानी सीजफायर लागू करने की बात कही गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देने और क्षेत्र से अमेरिकी सेना को पूरी तरह हटाने की भी मांग की गई है। Mohsen Rezaei ने तेहरान में चीनी राजदूत Zong Piyu के साथ हुई बैठक में इन बातों को खुलकर रखा और बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बात को दोहराया।
ओमान के साथ बातचीत और अमेरिका का नया रुख
ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei के सलाहकार Mohammad Mokhber ने भी इस कड़े रुख का समर्थन किया है। हालांकि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से आने-जाने के रास्तों को लेकर अलग से बातचीत चल रही है, लेकिन तेहरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ओमान के साथ होने वाला कोई भी समझौता अमेरिका के सामने रखी गई मुख्य शर्तों को पूरा किए बिना लागू नहीं होगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 9 अगस्त 2026 को यह बताया था कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ लगातार संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि ओमान के साथ बातचीत अपने अंतिम चरण में है, लेकिन यह सब अमेरिका द्वारा नाकाबंदी हटाने और सीजफायर लागू करने पर ही निर्भर करता है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सरकार ने ईरान के सामने हताहतों और नुकसान के मुआवजे को लेकर एक नई मांग रख दी है जिससे मामला और ज्यादा उलझ गया है।