ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली बाघेरी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका और इसराइल इस क्षेत्र से पूरी तरह हट जाएं, तो पश्चिम एशिया दुनिया का सबसे शांत और स्थिर इलाका बन सकता है। रूस के मॉस्को दौरे के दौरान दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच कोई बुनियादी समस्या नहीं है, बल्कि बाहरी ताकतों की मौजूदगी ही तनाव का असली कारण है।

अमेरिका और इसराइल को बताया अशांति की मुख्य वजह

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी अली बाघेरी ने रूस टुडे (RT) को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी ही इस क्षेत्र में अस्थिरता का मुख्य स्रोत है। उन्होंने दावा किया कि यदि अमेरिकी सेना और उनके सैन्य ठिकाने यहां से चले जाएं और क्षेत्रीय मामलों में इसराइल की भूमिका खत्म हो जाए, तो पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और विकास का रास्ता साफ हो जाएगा जिससे सभी देशों को फायदा होगा।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और अमेरिका के साथ बातचीत पर अपडेट

बाघेरी ने चेतावनी दी कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का इस्तेमाल नहीं होने देगा। इस अहम जलमार्ग की सुरक्षा के विषय पर ईरान लगातार ओमान के संपर्क में बना हुआ है। इसके अलावा, पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर उन्होंने कहा कि कूटनीति का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वाशिंगटन अपनी अत्यधिक मांगों को छोड़ता है या नहीं।

क्षेत्र में हालिया सैन्य टकराव और तनाव

इस बयान के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव काफी तेज हो गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बंदर अब्बास हवाई अड्डे के पास अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला करने का दावा किया है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में बंदर अब्बास में ही ईरान के चार ड्रोन मार गिराने और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को तबाह करने की बात कही है। इसी बीच कुवैत की सेना ने भी अपने हवाई क्षेत्र में अज्ञात ड्रोनों और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है, जिससे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अली बाघेरी ने मिडिल ईस्ट में अशांति का मुख्य कारण किसे बताया है?

अली बाघेरी ने अमेरिका की सैन्य उपस्थिति, उसके ठिकानों और इसराइल के प्रभाव को मिडिल ईस्ट में अशांति और असुरक्षा का सबसे बड़ा कारण बताया है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान का क्या रुख है?

ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और इस जलमार्ग की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर ओमान के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.