ईरान में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के बीच सरकार की ओर से लिया गया बड़ा फैसला.

ईरान के भीतर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम लागू कर दिए हैं। राजधानी Tehran सहित पूरे देश में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है, क्योंकि अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे मौजूदा तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत के नतीजे अभी तक साफ नहीं हो पाए हैं। इस संकट का असर खाड़ी देशों के व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ रहा है, जिससे आम लोगों में चिंता का माहौल है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के साथ बातचीत
ईरान के अधिकारी इन दिनों Oman के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ईरानी क्षेत्रीय जल के भीतर एक शिपिंग रूट के लिए भौगोलिक बिंदुओं पर सहमति बनी है। हालांकि, यह समझौता अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है, क्योंकि सुरक्षा, प्रतिबंधों और भुगतान जैसे मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं। एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी ने ईरान के दावों पर सवाल उठाया है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के माध्यम से बिना किसी रुकावट के आवाजाही की मांग रखी है।
कानून और प्रतिबंधों का असर
ईरान की संसद वर्तमान में एक नए ड्राफ्ट बिल पर चर्चा कर रही है। यदि यह कानून बनता है, तो ईरान माल की कीमत पर 7% तक टोल शुल्क लगा सकता है। साथ ही, अमेरिका और इसराइल से जुड़ी जहाजों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का प्रावधान भी इसमें शामिल है। दूसरी ओर, अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगातार दबाव बना रहा है और व्यावसायिक जहाजों को या तो दूसरी दिशा में भेजा जा रहा है या उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ता है।
आंतरिक सुरक्षा और मानवाधिकार का मुद्दा
देश के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार काफी कठोर रुख अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk के अनुसार, 19 मार्च के बाद से कम से कम 56 लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों में फांसी दी गई है, जिनमें से 27 लोग हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे। सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, ईरान की धार्मिक नैतिकता पुलिस ने अनिवार्य हिजाब और अन्य नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।
ईरान के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि विदेशी आक्रामकता के खिलाफ राष्ट्रीय एकता बनाए रखना बहुत जरूरी है। हालांकि, देश की आंतरिक राजनीति में भी हलचल देखी जा रही है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और Mohammad Bagher Kharrazi के बीच परमाणु बम बनाने से जुड़े बयानों को लेकर पैदा हुआ राजनीतिक विवाद इस बात को स्पष्ट करता है कि देश के भीतर असहमति के प्रति सरकार का नजरिया अब काफी बदल चुका है और वहां असंतोष के लिए कोई जगह नहीं बची है।