अमेरिका की नेवल ब्लॉकेड की वजह से ईरान को अपना सामान मंगाने में बहुत दिक्कत आ रही है। अब ईरान ने अपना फंसा हुआ सामान निकालने के लिए पाकिस्तान के साथ जमीन के रास्ते (land route) का विकल्प तलाशा है। कराची पोर्ट पर ईरान के करीब 3,000 कंटेनर फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने की कोशिश जारी है।

पाकिस्तान के साथ जमीन के रास्ते वाली डील क्या है?

ईरान और पाकिस्तान के सरकारी अधिकारी और बिजनेस लीडर्स इस समय बातचीत कर रहे हैं। ईरान चाहता है कि वह करीब 900 किलोमीटर लंबे जमीन के रास्ते का इस्तेमाल कर अपना सामान मंगा सके। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि समुद्र के रास्ते सामान लाना अब बहुत मुश्किल हो गया है और सामान पोर्ट्स पर जमा हो रहा है।

अमेरिका की सख्ती और ईरान के नए नियम क्या हैं?

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा है कि ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी अब पूरी दुनिया में बढ़ रही है और बिना अमेरिकी नेवी की इजाजत के कोई जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से नहीं गुजर सकता। जवाब में ईरान ने नए नियम लागू किए हैं। अब वहां से गुजरने वाले जहाजों को सिक्योरिटी क्लियरेंस लेना होगा और ईरानी करेंसी में फीस देनी होगी। इजराइल से जुड़े जहाजों पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।

रूस को मिली छूट और आगे क्या होगा?

ईरान के रूस राजदूत Kazem Jalali ने बताया कि रूस जैसे दोस्ताना देशों को ट्रांजिट टोल से छूट दी गई है। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक बातचीत आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। इस पूरी स्थिति से ईरान के आयात-निर्यात पर बुरा असर पड़ा है और आर्थिक दबाव बढ़ गया है।