Qatar में हिरासत में बंद ईरानी पायलटों के लिए Red Cross की मदद मांग रहा Iran, जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन का लगाया आरोप।

Praggya Singh sabal22 August 20263 min read45 viewsQatar
Qatar में हिरासत में बंद ईरानी पायलटों के लिए Red Cross की मदद मांग रहा Iran, जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन का लगाया आरोप।

कतर में हिरासत में रखे गए अपने तीन पायलटों की सेहत और उनकी वापसी को लेकर ईरान ने अब अंतरराष्ट्रीय संगठनों का दरवाजा खटखटाया है। 22 अगस्त 2026 को ईरानी सैन्य अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस यानी ICRC से यह अपील की है कि वह बीच समुद्र में रोके गए इन पायलटों को वापस लाने में तुरंत मदद करे। ईरान का कहना है कि ये सभी लोग इस समय पानी के बीच बेहद खराब हालत में रह रहे हैं और उन्हें तुरंत जमीन पर बने किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है। इसके लिए एक एयर एम्बुलेंस भेजने की मांग भी की गई है ताकि बीमार और घायल पायलटों की जान बचाई जा सके।

जिनेवा कन्वेंशन के नियमों पर उठा सवाल

तेहरान सरकार का यह साफ कहना है कि कतर प्रशासन थर्ड जिनेवा कन्वेंशन के नियमों का खुला उल्लंघन कर रहा है। इसमें खासतौर पर Article 70 और Article 78 का हवाला दिया गया है, जिसके तहत हिरासत में लिए गए लोगों को उनके परिवारों और अपने देश के अधिकारियों से मिलने की पूरी छूट मिलनी चाहिए, लेकिन कतर पर आरोप है कि वह इन सभी बुनियादी अधिकारों पर रोक लगा रहा है। ईरानी सशस्त्र बल के लापता सैनिकों की तलाश करने वाली कमेटी के कमांडर Mohammad Bagherzadeh ने मीडिया को बताया कि उन्होंने कतर से कई बार अपील की है कि वह इस मामले में सहयोग को तेज करे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कतर ने हाल ही में ईरानी एक्सपर्ट्स की एक टीम को वहां आने की इजाजत दी है, लेकिन उनका यह भी कहना था कि कतर की तरफ से पहले काफी देरी की जा चुकी है, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं।

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कतर और ईरान के बयानों में भारी अंतर

इस पूरे मामले पर कतर सरकार का पक्ष बिल्कुल अलग है। कतर के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए फिर से बुलावा जरूर भेजा है, लेकिन कतर ने ईरान के उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें पायलटों के साथ गलत बर्ताव की बात कही जा रही है। कतर का साफ कहना है कि इस साल की शुरुआत में इन पायलटों का विमान बिना अनुमति के और संदिग्ध इरादों के साथ कतर के एयरस्पेस में घुस आया था। जब अधिकारियों ने विमान से संपर्क साधने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। कतर का दावा है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नियमों और अपनी सुरक्षा के तय तरीकों के हिसाब से ही इस पूरी घटना को संभाला है। कतर ने पहले भी ईरान को इस घटना से जुड़े सभी सर्च और रेस्क्यू दस्तावेज देखने के लिए कहा था, लेकिन उनका आरोप है कि ईरान की तरफ से उस समय कोई जवाब नहीं दिया गया था।

इस पूरी घटना में एक पायलट की जान भी जा चुकी है, जिनकी पहचान Majid Kazemi के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक चौथे पायलट का शव पहले ही कतर से वापस ईरान भेजा जा चुका है। अब देखना यह होगा कि रेड क्रॉस के दखल के बाद क्या बाकी बचे तीनों पायलटों Javad Salehi, Abdolmajid Dashtian और Omran Behroushian की वतन वापसी का रास्ता जल्दी साफ हो पाता है या नहीं। कतर और ईरान के बीच चल रही इस तनातनी पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि खाड़ी देशों के बीच सुरक्षा के मामले हमेशा से बहुत संवेदनशील रहे हैं।

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