ईरान अब अपनी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रूस के करीब जा रहा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है. ईरान चाहता है कि रूस उसे ऐसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम दे जिससे वह भविष्य में होने वाले हमलों को आसानी से रोक सके.
ईरान को रूस से किस तरह की मदद चाहिए?
तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फोआद इजादी ने बताया कि ईरान के पास फिलहाल जो एयर डिफेंस सिस्टम हैं, वे जरूरी स्तर के नहीं हैं. ईरान चाहता है कि रूस उसे ऐसी तकनीक दे जो अमेरिका के F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को मार गिराने में सक्षम हो. इजादी ने कहा कि रूस और ईरान के बीच सैन्य सहयोग का इतिहास काफी पुराना है और रूस की ताकत को देखते हुए ईरान अब उससे मदद मांग रहा है.
पुतिन और अराघची की मुलाकात में क्या बात हुई?
27 अप्रैल 2026 को सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची की मीटिंग हुई. इस मुलाकात की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- पुतिन ने भरोसा दिलाया कि रूस ईरान और इस पूरे इलाके में शांति लाने के लिए हर संभव मदद करेगा.
- अब्बास अराघची ने अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव पर रूस से सलाह ली.
- दोनों देशों ने अपनी ‘रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने का फैसला किया.
- पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर द्वारा भेजे गए संदेश का जवाब देते हुए अपना समर्थन दोहराया.
इलाके में अभी क्या हालात हैं?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. अमेरिका ने फिलहाल ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है और इलाके में अपने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप तैनात किए हैं. ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका नाकेबंदी हटा ले, तो वह Strait of Hormuz पर लगी पाबंदी खत्म कर देगा. वहीं दूसरी तरफ, हिज़्बुल्लाह के एक सैन्य नेता ने संकेत दिए हैं कि वे इसराइल को रोकने के लिए पुराने समय की तरह आत्मघाती हमलों का सहारा ले सकते हैं.