ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नेवी ने Strait of Hormuz में दो बड़े कंटेनर जहाजों को पकड़ लिया है। इस घटना का वीडियो जारी किया गया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कह रहे थे कि ईरान के पास अब कोई नेवी नहीं बची है।

📰: Minab Attack Claim: IRNA का बड़ा दावा, अमेरिकी रॉकेट हमले में 170 छात्रों और शिक्षकों की मौत

कौन से जहाज पकड़े गए और क्यों?

ईरान ने MSC-FRANCESCA और EPAMINODES नाम के दो कंटेनर जहाजों को कब्जे में लिया। IRGC का कहना है कि इन जहाजों ने नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला। ईरान ने आरोप लगाया कि MSC-FRANCESCA का संबंध इसराइल से था, जबकि EPAMINODES के पास जरूरी परमिट नहीं थे। इन दोनों जहाजों को तब रोका गया जब वे बिना अनुमति के रास्ते से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

दुनिया और अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया रही?

पनामा ने इस कार्रवाई को अवैध बताया है क्योंकि MSC-FRANCESCA उन्हीं के झंडे के नीचे रजिस्टर्ड था। UN की संस्था International Maritime Organization ने भी जहाजों और उनके कर्मचारियों को तुरंत छोड़ने की मांग की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इसे सीजफायर का उल्लंघन नहीं मानते क्योंकि ये जहाज अमेरिकी या इसराइली नहीं थे। वहीं ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक सीजफायर का कोई मतलब नहीं है।

मौजूदा स्थिति और अन्य खतरे क्या हैं?

ईरान ने एक यूनानी जहाज Euphoria को भी निशाना बनाया है, जो अब ईरान के तट पर खड़ा है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, Strait of Hormuz से ईरान द्वारा बिछाए गए बारूदी सुरंगों (mines) को हटाने में 6 महीने तक का समय लग सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उन्होंने अब तक 31 जहाजों को वापस लौटने या पोर्ट पर रुकने का आदेश दिया है ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.