UAE Tanker Seized: ईरान ने UAE से जुड़े तेल टैंकर को पकड़ा, बंदर अब्बास बंदरगाह ले जाया गया जहाज़.

Praggya Singh sabal19 August 20263 min read62 viewsUAE
UAE Tanker Seized: ईरान ने UAE से जुड़े तेल टैंकर को पकड़ा, बंदर अब्बास बंदरगाह ले जाया गया जहाज़.

खाड़ी देशों में तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब ईरान की सरकार से जुड़ी एजेंसियों Fars और Mehr ने 19 अगस्त 2026 को एक बड़ी खबर दी। इसके मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़ा हुआ एक तेल टैंकर को ईरान ने अपने कब्जे में ले लिया है और उसे जबरन ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह की तरफ ले जाया जा रहा है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और दोनों देशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं।

लाइबेरिया के झंडे वाला है पकड़ा गया जहाज़

जिस जहाज़ को ईरान ने पकड़ा है, उसका नाम 'AMARA' है और इस पर लाइबेरिया देश का झंडा लगा हुआ था। यह जहाज़ मार्शल द्वीप समूह की कंपनी HSG Shipping की मालकियत वाला है और इसकी तकनीकी देखरेख यूएई की कंपनी Superfleet DMCC द्वारा की जाती है। घटना के समय यह तेल टैंकर यूएई के ही जेबेल अली बंदरगाह की तरफ जा रहा था, तभी रास्ते में इसे रोक लिया गया।

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ईरान ने क्या दी सफाई और क्यों पकड़ा जहाज़

ईरान के अधिकारियों का कहना है कि इस जहाज़ को इसलिए पकड़ा गया क्योंकि इसने ईरान के समुद्री कानूनों का उल्लंघन किया था। ईरान का तर्क है कि जो भी जहाज़ हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हैं, उन्हें तेहरान द्वारा तय किए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा साफ अनुमति लेनी पड़ती है और सर्विस फीस भी चुकानी पड़ती है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि ईरानी अधिकारियों ने ट्रांजिट फीस न देने को किसी जहाज़ को हिरासत में लेने की मुख्य वजह बताया है। गौर करने वाली बात यह है कि 28 फरवरी से ही ईरान ने उन सभी जहाज़ों के आने पर बैन लगाया हुआ है जो अमेरिका या इस्रायल से जुड़े हुए हैं।

कूटनीतिक रिश्तों में आई भारी खटास

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब यूएई और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्ते बेहद निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं। घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 18 अगस्त 2026 को यूएई के विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, वित्तीय लेन-देन और गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने का ऐलान किया था। अबू धाबी ने आरोप लगाया था कि ईरानी सेना ने यूएई पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से एक मिसाइल देश की सीमा के अंदर ही गिरी थी। हालांकि, तेहरान ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है।

समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का सवाल

समुद्र में तनाव की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 8 अगस्त और 14 अगस्त को भी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के जहाज़ों पर हमले की खबरें आई थीं, जिन्हें यूएई सरकार ने समुद्री डकैती करार दिया था। एक तरफ जहां ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना अधिकार जता रहा है, वहीं अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि यानी UNCLOS के अनुच्छेद 37 का खुला उल्लंघन है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए हर जहाज़ को बिना रोक-टोक आने-जाने का अधिकार मिला हुआ है, और ईरान द्वारा टोल वसूलने का नियम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।

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