ईरान के खुफिया मंत्रालय ने देश के अलग-अलग प्रांतों से सैकड़ों Starlink सैटेलाइट सिस्टम जब्त किए हैं। ईरान सरकार का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर इन उपकरणों को देश में अवैध रूप से भेजा है। अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि युद्ध जैसे हालात में इनका इस्तेमाल करना एक गंभीर अपराध माना जाएगा और इसके लिए सख्त सजा दी जाएगी।

ईरान में इंटरनेट शटडाउन और छापेमारी

ईरान में पिछले 18 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह से बंद है और कनेक्टिविटी केवल 1 प्रतिशत रह गई है। संचार मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस शटडाउन से ईरानी अर्थव्यवस्था को हर दिन करीब 35.7 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। ऐसे में इंटरनेट चलाने के लिए लोग Starlink डिश का इस्तेमाल कर रहे थे। अब सुरक्षा एजेंसियां तेहरान, कर्मानशाह और कुर्दिस्तान प्रांत में घर-घर जाकर तलाशी ले रही हैं। इन छापों में विशेष गाड़ियों और सिग्नल स्कैनर का उपयोग किया जा रहा है जिससे चालू डिश से निकलने वाले सिग्नल को पकड़ा जा सके।

Starlink के इस्तेमाल पर क्या मिलेगी सजा

ईरानी अधिकारियों ने इन सैटेलाइट टर्मिनल्स को जासूसी और तोड़फोड़ का टूल करार दिया है। एंटी-जासूसी कानून 2025-2026 के तहत इसके इस्तेमाल पर कड़े नियम लागू किए गए हैं जो इस प्रकार हैं।

  • निजी इस्तेमाल: अगर कोई व्यक्ति निजी काम के लिए Starlink चलाता पकड़ा जाता है, तो उसे 6 महीने से 2 साल तक की जेल हो सकती है और उसका हार्डवेयर जब्त कर लिया जाएगा।
  • जासूसी का मामला: अगर जांच में पता चलता है कि इसका इस्तेमाल दुश्मन देश के लिए काम करने या व्यवस्था के खिलाफ किया गया है, तो सजा-ए-मौत भी दी जा सकती है।
  • सजा में बढ़ोतरी: राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अनुच्छेद 6 के तहत, वर्तमान सुरक्षा और युद्ध जैसे हालात में इन अपराधों की सजा को तीन डिग्री तक बढ़ाया जा सकता है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com