Strait of Hormuz में एक बार फिर भारी तनाव बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दो बड़े कंटेनर जहाजों पर हमला कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। इस हमले में जहाजों को काफी नुकसान पहुँचा है और उन्हें खींचकर ईरानी तट पर ले जाया गया है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों ने हालात को शांत करने की अपील की है।

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कौन से जहाज निशाने पर आए और कितना नुकसान हुआ?

  • MSC Francesca: यह पनामा का जहाज है जिसे ईरान ने इजराइल से जुड़ा बताया। इस जहाज के ढांचे और रहने वाले हिस्से में भारी नुकसान हुआ है।
  • Epaminondas: यह ग्रीक जहाज था जिस पर ईरानी गनबोट ने फायरिंग की। हमले की वजह से इसके ब्रिज को भारी नुकसान पहुँचा और इसे जब्त कर लिया गया।
  • Euphoria: यह भी पनामा का एक कार्गो जहाज था जिस पर गोलीबारी हुई और यह अब ईरानी तट पर फँसा हुआ है।

ईरान ने जहाजों को पकड़ने का क्या कारण बताया?

ईरान की IRGC ने कहा कि ये जहाज नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और इनके पास ज़रूरी परमिट नहीं थे। ईरान ने आरोप लगाया कि इन जहाजों ने नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की थी। अब ईरान ने नए नियम बनाए हैं, जिसके तहत इजराइल से जुड़े जहाजों का आना प्रतिबंधित होगा और बाकी जहाजों को फीस ईरानी रियाल में देनी होगी।

अमेरिका और पाकिस्तान का इस पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ा दी है, लेकिन उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखने का आदेश दिया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान पैसों की तंगी की वजह से रास्ता खुलवाना चाहता है। दूसरी तरफ, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ युद्धविराम का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन ईरानी अधिकारियों के वार्ता से पीछे हटने पर पाकिस्तानी टीम नाराज़ है।