ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो बड़े जहाजों को रोककर जब्त कर लिया है. इन जहाजों में से एक का संबंध इसराइल से बताया जा रहा है. ईरान ने दावा किया है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया था, जिसके कारण उन्हें पकड़कर ईरानी पानी में ले जाया गया है.

🗞️: ईरान का बड़ा एक्शन, इसराइल के दो जहाज जब्त किए और अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, तनाव बढ़ा

कौन से जहाज पकड़े गए और क्या है पूरा मामला?

ईरान ने MSC-FRANCESCA और EPAMINODES नाम के दो कंटेनर जहाजों को रोका है. IRGC ने बताया कि ये जहाज बिना अनुमति के काम कर रहे थे और नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. MSC-FRANCESCA जहाज पनामा के झंडे के नीचे चलता है और ईरान के मुताबिक इसका संबंध इसराइल से है. वहीं EPAMINODES जहाज ग्रीस का है और लाइबेरिया के झंडे के नीचे चलता है. दोनों जहाजों को अब उनके कागजात और सामान की जांच के लिए ईरानी क्षेत्र में लाया गया है.

दुनिया के अलग-अलग देशों और संस्थाओं की क्या प्रतिक्रिया रही?

इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है और कई देशों ने अपनी चिंता जताई है:

  • संयुक्त राष्ट्र (UN): IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने इस कदम को गलत बताया और जहाजों व नाविकों को तुरंत छोड़ने की मांग की.
  • पनामा: पनामा के विदेश मंत्रालय ने इसे गैरकानूनी बताया और कहा कि उनके झंडे वाले जहाज को जबरन ईरान ले जाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.
  • ग्रीस: ग्रीस के शिपिंग मंत्रालय ने जानकारी दी कि उनके जहाज को काफी नुकसान पहुँचाया गया, हालांकि उन्होंने जहाज के पूरी तरह जब्त होने की बात से इनकार किया.

ईरान ने यह एक्शन क्यों लिया और अब क्या स्थिति है?

यह पूरी घटना ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे भारी तनाव का नतीजा है. फरवरी 2026 से इन देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने पहले ईरान के तेल टैंकर जब्त किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने इन जहाजों पर कार्रवाई की. ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके बनाए नियमों का पालन करना होगा और कोई भी गड़बड़ी होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.