ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना जवाब भेज दिया है जिसमें तेल पर लगे प्रतिबंधों को एक महीने के अंदर हटाने की मांग की गई है। इस बीच ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उनके जहाजों पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या बातचीत चल रही है?
ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार:
- 10 मई 2026 को ईरान ने पाकिस्तान के रास्ते अमेरिका को अपना जवाब भेजा। इस बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्र में चल रहे युद्ध को खत्म करना है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक एक 14 पॉइंट्स वाले प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है जिसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की बात शामिल है।
- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि वे अमेरिकी प्रस्तावों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।
ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
कूटनीति के साथ-साथ ईरान ने सैन्य तैयारी और चेतावनी भी जारी की है:
- ईरानी संसद की सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने कहा कि अब उनकी बर्दाश्त करने की सीमा खत्म हो गई है।
- उन्होंने साफ किया कि अगर खाड़ी में ईरानी जहाजों पर हमला हुआ तो अमेरिका के जहाजों और सैन्य ठिकानों पर कड़ा प्रहार होगा।
- ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्ला अली आबादी ने मार्गदर्शक मुजतबा खामनेई से मुलाकात की और सेना की पूरी तैयारी के बारे में जानकारी दी।
अमेरिकी दबाव और तेल बाजार का हाल
अमेरिका ईरान पर कड़ा आर्थिक दबाव बना रहा है। अमेरिकी खजाना मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आर्थिक पाबंदियों के जरिए ईरान को घुटनों पर लाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेल के भंडार भरने की वजह से ईरान को जल्द ही अपने कुछ तेल के कुएं बंद करने पड़ सकते हैं। अमेरिका को उम्मीद थी कि ईरान 48 घंटों के भीतर अपना जवाब देगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका को अपना जवाब कैसे भेजा?
ईरान ने अपना आधिकारिक जवाब पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य केंद्र क्षेत्र में युद्ध को समाप्त करना और प्रतिबंधों को हटाना है।
ईरान ने जहाजों को लेकर क्या चेतावनी दी है?
ईरानी संसद के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अब उनका धैर्य खत्म हो चुका है। अगर अमेरिका ने खाड़ी में ईरानी जहाजों पर हमला किया तो ईरान अमेरिकी ठिकानों और जहाजों पर जोरदार जवाबी कार्रवाई करेगा।
