7 अप्रैल 2026 को ईरान के शिराज में स्थित एक बड़े पेट्रोकेमिकल परिसर पर हमला हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्लांट ईरान के मिसाइल निर्माण उद्योग को सहारा देता था। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। ईरान और इसराइल के बीच जारी यह संघर्ष अब और भी गंभीर रूप लेता जा रहा है।

📰: इसराइल ने ईरान को दी चेतावनी, ट्रेनों और रेलवे से दूर रहने को कहा, बुनियादी ढांचे पर हमले का खतरा.

हमले में कितना हुआ नुकसान और क्या है आधिकारिक रिपोर्ट?

ईरानी मीडिया ने मरवदश्त काउंटी के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि शिराज प्लांट के एक छोटे हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा है। वहां लगी आग पर काबू पा लिया गया है और प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब उनके नियंत्रण में है। वहीं इसराइल के रक्षा मंत्री ने पुष्टि की है कि उनकी वायुसेना ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल केंद्रों को निशाना बनाया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी रिपोर्ट दी है कि कुछ हमले बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के बेहद करीब हुए हैं जिससे रेडियोलॉजिकल दुर्घटना का डर पैदा हो गया था।

खाड़ी देशों और भारतीय प्रवासियों पर क्या होगा इसका असर?

  • ईरान ने पलटवार करते हुए कुवैत और सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल दागे हैं।
  • सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यात्रा और सुरक्षा के नियम कड़े किए जा सकते हैं।
  • तेहरान के कई हवाई अड्डों पर भी हमले की खबरें हैं जिससे विमान सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
  • ईरान ने शांति प्रस्तावों को ठुकरा दिया है जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष और बढ़ सकता है।
  • सऊदी अधिकारियों ने पहले ही ईरान के इन कदमों की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग की है।

सऊदी अरब की तरफ से अभी तक शिराज हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन न्यूज़ चैनलों पर इसकी चर्चा तेज है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय दूतावास और समाचारों पर नज़र बनाए रखें क्योंकि स्थिति तेज़ी से बदल रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.