ईरान की सेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए इसराइल के एक जासूसी ड्रोन को मार गिराया है। यह घटना दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के ऊपर हवाई क्षेत्र में हुई है। ईरानी वायु सेना ने इस ड्रोन को अपने सीमा क्षेत्र में प्रवेश करते ही मार गिराया और नौसेना की मदद से इसका मलबा भी पानी से निकाल लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चर्चा काफी तेज चल रही थी।

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ईरान ने किस तरह गिराया इसराइल का जासूसी ड्रोन?

ईरान की समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई रविवार, 24 मई 2026 को की गई। ईरान के दक्षिण-पूर्वी हवाई रक्षा कमान के सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की है कि वायु रक्षा बलों ने इसराइली ऑर्बिटर टोही ड्रोन को सफलतापूर्वक रोककर हवा में ही नष्ट कर दिया। यह ड्रोन ईरान के हवाई क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ कर रहा था। ड्रोन के गिरने के बाद, ईरानी नौसेना बलों के साथ मिलकर उसके मलबे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। इसराइल ने अभी तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अमेरिका और पाकिस्तान के साथ क्या है इस घटना का संबंध?

यह घटना उस समय सामने आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच एक संभावित शांति समझौते पर बातचीत चल रही थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि एक समझौते पर काफी हद तक सहमति बन चुकी है। इस पूरे विवाद में पाकिस्तान ने भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच एक युद्धविराम कराया था जो 8 अप्रैल से लागू हुआ था और बाद में इसे अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था। इस नए घटनाक्रम के बाद अब क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने इसराइल के किस ड्रोन को मार गिराया है?

ईरान की सेना ने इसराइल निर्मित ऑर्बिटर (Orbiter) टोही जासूसी ड्रोन को मार गिराया है, जो उनके हवाई क्षेत्र में जासूसी कर रहा था।

यह घटना कब हुई और मलबे को किसने बरामद किया?

यह घटना 24 मई 2026 को होर्मोजगान प्रांत के पास हुई। ड्रोन के मलबे को ईरानी वायु सेना और नौसेना ने मिलकर समुद्र से बरामद किया है।