ईरान ने बंद किया Strait of Hormuz, अमेरिका के साथ बढ़ा तनाव, भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद भारत ने जताया विरोध

ईरान की IRGC ने शनिवार शाम को Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर दिया है। यह फैसला अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकेबंदी के जवाब में लिया गया है। इस वजह से दुनिया भर के तेल व्यापार और जहाजों के आने-जाने पर बड़ा असर पड़ने वाला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है।

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Strait of Hormuz क्यों बंद किया गया?

ईरान की IRGC ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका उनके बंदरगाहों और जहाजों की नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा। इससे पहले 17 अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्री ने इसे खोलने की बात कही थी, लेकिन अब सरकार ने अपना फैसला बदल दिया है। ईरान के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की बातों का यहाँ कोई वजन नहीं है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन होना चाहिए।

भारतीय जहाजों और व्यापार पर क्या असर होगा?

इस तनाव के बीच reports आई हैं कि ईरान की गनबोट्स ने कुछ कमर्शियल जहाजों पर फायरिंग की है। इसमें भारतीय झंडे वाले जहाज भी शामिल थे, जिसके बाद भारत सरकार ने ईरान के राजदूत को बुलाकर गहरी चिंता जताई है। UKMTO ने भी ओमान के पास एक टैंकर पर फायरिंग की खबर दी है, जिससे शिपिंग कंपनियों और तेल व्यापारियों में डर का माहौल है।

अमेरिका और CENTCOM का क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अब तक 23 जहाजों को आदेश देकर वापस मोड़ा गया है। अमेरिका का मानना है कि ईरान रास्ता बंद करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बातचीत अभी भी चल रही है।

विवरण जानकारी
बंद होने की तारीख 18 अप्रैल, 2026
बंद करने वाली संस्था IRGC Navy (ईरान)
मुख्य कारण अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी
भारत की प्रतिक्रिया ईरानी राजदूत को तलब किया गया
प्रभावित जहाज 23 जहाज वापस मोड़े गए (CENTCOM)
फायरिंग की रिपोर्ट UKMTO ने टैंकर पर हमले की पुष्टि की