ईरान की एक अदालत ने मशहूर सिंगर Parastoo Ahmadi और उनके 8 साथियों को 74 कोड़े मारने की सजा सुनाई है. यह सजा उन्हें एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट के दौरान हिजाब न पहनने की वजह से मिली है. इसके अलावा उन पर देश छोड़कर जाने और कला के क्षेत्र में काम करने पर भी रोक लगा दी गई है.

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जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला दिसंबर 2024 का है जब Parastoo Ahmadi ने YouTube पर ‘Caravanserai Concert’ नाम का एक ऑनलाइन प्रोग्राम किया था. इस प्रोग्राम के दौरान उन्होंने सिर पर हिजाब नहीं पहना था. इसके बाद दिसंबर 2024 में ही उन्हें और दो संगीतकारों, Ehsan Beiraqdar और Soheil Faqih Nasiri को गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन जून 2026 में Qom Provincial Criminal Court ने अपना फैसला सुनाया.

अदालत ने क्यों सुनाई सजा

कोर्ट ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन किया है और इंटरनेट पर ‘अनैतिक सामग्री’ फैलाई है. ईरान में 1979 की क्रांति के बाद से महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनना जरूरी है और महिलाओं के अकेले गाने पर भी पाबंदी है. इस केस में इस्लामिक दंड संहिता की धारा 638 और कंप्यूटर अपराध कानून की धारा 743 का हवाला दिया गया है.

सजा की मुख्य बातें

  • Parastoo Ahmadi और 8 सहयोगियों को 74-74 कोड़े मारे जाएंगे.
  • सिंगर Parastoo Ahmadi के लिए 2 साल तक ईरान छोड़कर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है.
  • अगले 2 साल तक उन्हें ईरान के अंदर किसी भी तरह की कलात्मक गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.

मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

इस फैसले के बाद दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई है. Center for Human Rights in Iran की Bahar Ghandehari ने कहा कि यह सजा याद दिलाती है कि ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति अभी भी खराब है. वहीं, वकील Moein Khazaeli ने तर्क दिया कि ईरान के कानून में महिलाओं के गाने को स्पष्ट रूप से अपराध नहीं माना गया है.

Abdorrahman Boroumand Centre ने कोड़े मारने की सजा को हिंसक और अपमानजनक बताया है. एक्टिविस्ट Masih Alinejad ने इस कार्रवाई को महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करार दिया है. पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, Ahmadi को उन वीडियो के कारण बुलाया गया था जो सामाजिक नियमों और मूल्यों के खिलाफ थे.