Bahrain में अमेरिका और Gulf Cooperation Council (GCC) देशों की एक बड़ी मीटिंग हुई, जिसके बाद जारी किए गए संयुक्त बयान पर ईरान ने बहुत गुस्सा जताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बयान को दखलंदाजी करने वाला और उकसाने वाला बताया है। ईरान का कहना है कि इलाके में शांति के लिए अब एक नए सुरक्षा तरीके की जरूरत है।
ईरान ने क्यों जताई नाराजगी
ईरान ने 26 जून 2026 को एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका का GCC देशों की सुरक्षा का दावा सिर्फ दिखावा है। ईरान के मुताबिक, इस इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी ही असुरक्षा और बंटवारे की असली वजह है।
- सैन्य बेस पर सवाल: ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले के लिए क्षेत्रीय देशों के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल किया, जिससे पता चलता है कि अमेरिका को अपने सहयोगियों की सुरक्षा की परवाह नहीं है।
- परमाणु कार्यक्रम: ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताया और कहा कि अमेरिका और इसराइल इसे गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
- मिसाइल और ड्रोन: ईरान ने अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमता का बचाव करते हुए कहा कि उसे अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा हक है।
- Strait of Hormuz: ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में होने वाली परेशानी अमेरिका और इसराइल की हरकतों की वजह से है।
ईरान का नया सुरक्षा प्लान
ईरान अब बाहरी देशों के बजाय आपसी बातचीत से मसले सुलझाना चाहता है। इसके लिए कुछ बड़े सुझाव दिए गए हैं:
- क्षेत्रीय सुरक्षा बेल्ट: ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल Majid Ebnolreza ने ‘इस्लामी दुनिया का क्षेत्रीय सुरक्षा बेल्ट’ बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसमें ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे देश शामिल हो सकते हैं।
- राष्ट्रपति का सुझाव: राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तान दौरे के दौरान कहा कि पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी में शांति तभी आएगी जब क्षेत्रीय देश आपस में बात करेंगे, न कि बाहरी देशों के हस्तक्षेप से।
अमेरिका और GCC का क्या कहना है
Bahrain में हुई इस मीटिंग में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया कि अमेरिका ईरान के साथ डील तो करना चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं। उन्होंने दो मुख्य ‘रेड लाइन’ तय की हैं:
- ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
- Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है और यहां कोई फीस नहीं वसूली जा सकती।
GCC देशों ने मांग की है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली किसी भी बातचीत में उनकी सुरक्षा और हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। वहीं, ओमान ने जहाजों के लिए एक अस्थायी समुद्री कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया है।
