ईरान और अमेरिका के बीच जमी हुई संपत्ति यानी फ्रोजन एसेट्स को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। ईरान ने अमेरिका के उस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है जिसमें इन पैसों को क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच बांटने की बात कही गई थी। IRNA न्यूज़ एजेंसी ने 20 जून 2026 को इस खबर की जानकारी दी है।
खबरों के मुताबिक, अमेरिका और कतर मिलकर एक ऐसी योजना बना रहे हैं जिससे ईरान के फ्रीज किए गए अरबों डॉलर का इस्तेमाल मानवीय मदद के लिए किया जा सके। इस योजना के तहत कतर करीब 6 अरब डॉलर की राशि से ईरान के लिए दवाइयां और अनाज जैसे ज़रूरी सामान खरीदेगा। यह पैसा ईरान के उन तेल revenues से लिया जाएगा जो प्रतिबंधों की वजह से दुनिया भर के बैंकों में फंसे हुए हैं।
इस पूरी प्रक्रिया के बारे में कुछ अहम बातें सामने आई हैं:
- कुल जमा संपत्ति करीब 100 अरब डॉलर है, जिसमें से शुरुआती तौर पर 6 अरब डॉलर कतर के जरिए खर्च करने का प्रस्ताव है।
- इन पैसों का लेन-देन अंतरराष्ट्रीय निगरानी में किया जाएगा।
- इस कदम को अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते के एक वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
इस मामले में स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत फिलहाल टल गई है। हालांकि, स्विट्जरलैंड इन बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसकी तैयारी चल रही है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि ईरान को कोई भी आर्थिक राहत या संपत्ति तुरंत नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि कोई भी मदद इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और अन्य समझौतों का कितनी ईमानदारी से पालन करता है। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक ढांचा है और आर्थिक लाभ ईरान की प्रगति से जुड़े होंगे।