लेबनान में जारी सैन्य हमलों के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने लेबनान में हो रहे युद्धविराम के उल्लंघन को लेकर पश्चिमी देशों की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खुद इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खारिज कर दिया है जिसमें ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने बेरूत पर होने वाले बड़े हमले को रुकवा दिया था। ईरान ने साफ किया है कि वह लेबनान में हो रहे हमलों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार मानता है और इस उल्लंघन के कारण दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता भी खतरे में पड़ गई है।

ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों में क्यों पैदा हुआ टकराव?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मध्यस्थों के जरिए हिजबुल्लाह से बात की है, जिसके बाद दोनों पक्ष हमलों को रोकने के लिए तैयार हो गए हैं। ट्रंप के अनुसार, नेतन्याहू बेरूत में सेना न भेजने पर सहमत हुए थे। हालांकि, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत ट्रंप के इस दावे का खंडन कर दिया। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अगर हिजबुल्लाह ने हमले नहीं रोके, तो इसराइली सेना बेरूत में आतंकी ठिकानों पर हमले जारी रखेगी और दक्षिणी लेबनान में उनका सैन्य अभियान योजना के अनुसार चलता रहेगा। इस बयान के बाद इसराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में लगातार हवाई हमले किए हैं जिससे बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।

ईरान ने युद्धविराम के उल्लंघन पर क्या चेतावनी दी है?

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि 8 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम समझौता लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लागू होता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची और उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने साफ किया है कि किसी भी एक मोर्च पर युद्धविराम का उल्लंघन पूरे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। ईरान के मुख्य सैन्य कमांड और सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि ईरान के सशस्त्र बलों के सब्र की एक सीमा है और लेबनान में इसराइली हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान ने उत्तरी इसराइल के नागरिकों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और कहा है कि हमलों की स्थिति में सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर क्या है ईरान का नया फैसला?

इन बढ़ते क्षेत्रीय तनावों के बीच ईरान ने ओमान के साथ मिलकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री जहाजों के लिए नए नियम लागू करने का फैसला किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने जानकारी दी है कि ईरान और ओमान के पास अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र पर संप्रभुता का पूरा अधिकार है और दोनों देश मिलकर समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए नए नियमों के तहत काम कर रहे हैं। इस कदम को खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और नियंत्रण मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम लेबनान पर भी लागू होता है?

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 8 अप्रैल को हुआ युद्धविराम समझौता लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लागू है। हालांकि, अमेरिका और इसराइल इस बात से इनकार करते हैं और उनका कहना है कि यह समझौता लेबनान को कवर नहीं करता है।

लेबनान में जारी हमलों के बाद ईरान ने क्या कदम उठाने की बात कही है?

ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इसराइली हमलों के विरोध में अमेरिका के साथ शांति वार्ता को निलंबित कर सकता है। इसके अलावा, ईरान ने उत्तरी इसराइल के लोगों को सुरक्षित इलाकों में जाने की चेतावनी दी है।