ईरान और इसराइल के बीच चल रही जंग अब सिर्फ मिसाइलों और बमों तक सीमित नहीं रही। अब यह लड़ाई इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए लड़ी जा रही है। स्पेन के एक अखबार ने ईरान की इस डिजिटल रणनीति की काफी तारीफ की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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ईरान सोशल मीडिया पर AI का इस्तेमाल कैसे कर रहा है?
ईरान ने अपनी मिलिट्री ताकत के साथ-साथ सोशल मीडिया को भी एक हथियार बनाया है। इसे ‘असिमेट्रिक वारफेयर’ कहा जा रहा है, जिसका मकसद अमेरिका और इसराइल पर मानसिक दबाव बनाना है। क्लेमसन यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट डैरेन लिनविल ने बताया कि ईरान बहुत तेजी से AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी तरफ, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर AI को गलत जानकारी फैलाने वाले हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
स्पेन के प्रधानमंत्री और ईरान के बीच क्या संबंध रहे?
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों को गैरकानूनी और अस्थिर करने वाला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के साथ यह युद्ध 2003 के इराक युद्ध से भी कहीं ज्यादा बुरा हो सकता है। स्पेन के इस रुख के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने स्पेन की जमकर तारीफ की। ईरान ने स्पेन के प्रति आभार जताने के लिए ‘Gracias España’ नाम का एक म्यूजिक वीडियो भी जारी किया है।
- IRNA न्यूज़ एजेंसी: यह ईरान सरकार की आधिकारिक एजेंसी है जो शासन के नैरेटिव को दुनिया तक पहुँचाती है।
- स्पेन का रुख: प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सैन्य हमलों का विरोध किया है।
- रणनीति: सोशल मीडिया का उपयोग सैन्य जवाबी कार्रवाई के पूरक के रूप में किया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान की सोशल मीडिया रणनीति को क्या कहा जा रहा है?
ईरान की इस रणनीति को ‘असिमेट्रिक वारफेयर’ कहा जा रहा है, जिसमें AI और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके विरोधियों पर दबाव बनाया जाता है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने युद्ध के बारे में क्या कहा?
पेड्रो सांचेज ने अमेरिका और इसराइल के सैन्य हमलों को गैरकानूनी बताया और चेतावनी दी कि यह स्थिति 2003 के इराक युद्ध से भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
