18 मार्च 2026 को ईरान के South Pars नेचुरल गैस फील्ड पर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इराक, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इराक के विदेश मंत्रालय ने इसे बुनियादी ढांचे पर हमला बताते हुए तनाव बढ़ाने वाला कदम कहा है और राज्य की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है।

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हमले के बाद क्या नुकसान हुआ और तेल कीमतों पर क्या असर पड़ा?

इस हमले की वजह से गैस फील्ड की दो रिफाइनरियों में आग लग गई और वहां उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे रोजाना लगभग 100 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन रुक गया है। इस घटना के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में असर दिखना शुरू हो गया है।

  • कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
  • यूरोप में गैस की कीमतों में 7 प्रतिशत तक का उछाल आया है।
  • कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी पर भी हमले की खबर है जिससे भारी नुकसान हुआ है।
  • सऊदी अरब और अबू धाबी में भी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की खबरें आई हैं।

खाड़ी देशों और ईरान की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही?

ओमान के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। UAE ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। कतर ने भी इसे एक गैर-जिम्मेदाराना कदम करार दिया है और ईरानी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि इस हमले के नतीजे पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह चिंता की बात है क्योंकि ऊर्जा संकट से महंगाई बढ़ सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.