Iran News: ईरान ने अमेरिका पर जीत का किया दावा, सुप्रीम लीडर ने बदला देश का रक्षा कानून.

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ बड़ी सैन्य और राजनीतिक जीत हासिल करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि तेहरान को अब क्षेत्रीय तनाव के इस दौर को खत्म करने के लिए एक मजबूत सुरक्षा नीति अपनानी होगी। इस बीच ईरान में हालात काफी बदले हुए नजर आ रहे हैं और सरकार लगातार कड़े फैसले ले रही है जिसका असर आम जनता और आसपास के देशों पर भी पड़ रहा है।
सशस्त्र बलों का कड़ा रुख और नया रक्षा कानून
ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei ने 19 अगस्त 2026 को एक नया आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत देश की रक्षा नीति को बदलकर एक्टिव और डिटेरेंस ओरिएंटेड यानी आक्रामक और निवारक बना दिया गया है। इस नई नीति का मुख्य मकसद दुश्मनों को पहले ही चेतावनी देना और किसी भी हमले का तुरंत और कड़ा जवाब देना है। ईरानी संसद के स्पीकर ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने वियतनाम युद्ध से भी ज्यादा हथियारों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया था, लेकिन इसके बावजूद ईरान पीछे नहीं हटा। उन्होंने अमेरिका के साथ हाल ही में हुए समझौते को देश की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया और कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को अपनी धमकियां वापस लेनी पड़ी थीं।
क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका की सख्ती
लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए एक इसराइली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी की मौत के बाद ईरान ने सभी तरह की कूटनीतिक बातचीत पर रोक लगा दी है। दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर सख्त नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है जो उसकी अधिकतम दबाव वाली रणनीति का हिस्सा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने हाल ही में घोषणा की है कि आने वाले सप्ताह में तेहरान के खिलाफ और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। हालांकि अमेरिका इन दावों को खारिज कर रहा है कि ईरान ने इस संघर्ष में कोई जीत हासिल की है, लेकिन ईरानी सशस्त्र बलों की जनरल स्टाफ ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके सभी सैन्य उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक यह टकराव जारी रहेगा। इस बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और कामगारों पर भी पड़ रहा है, जिससे हर कोई स्थिति पर गहरी नजर बनाए हुए है।