ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने दावा किया है कि देश एक ऐतिहासिक जंग में दुश्मन को पीछे धकेल रहा है। पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें तेज हो गई हैं, जिसमें कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल हमले भी शामिल हैं। दूसरी ओर, दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत भी चल रही है, लेकिन ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के वादों पर भरोसा नहीं करता है।
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने क्या कहा?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि देश की सेना और लोगों की एकजुटता के कारण दुश्मन लगातार पीछे हट रहा है। उन्होंने बताया कि दुश्मन आर्थिक प्रतिबंधों और मीडिया प्रचार के जरिए देश की एकता को तोड़ना चाहता है, लेकिन इसमें वह नाकाम रहा है।
गालिबफ ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ किया कि ईरान के वार्ताकार अमेरिका के वादों या बातों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करते हैं। ईरान किसी भी ऐसे समझौते को मंजूरी नहीं देगा जिसमें उसके लोगों के अधिकारों की पूरी सुरक्षा न हो। उनके लिए बातचीत में ठोस परिणाम मिलना ही सबसे महत्वपूर्ण है।
कुवैत में अमेरिकी बेस पर हमला और हालिया सैन्य झड़पें
पिछले 24 घंटों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटरों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC ने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया। इस हमले में सात अमेरिकी कर्मी घायल हो गए।
- कुवैत की कार्रवाई: कुवैत की सेना ने सोमवार सुबह अपने हवाई क्षेत्र में आ रहे दुश्मन के मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है।
- सिरीक द्वीप पर तनाव: ईरान ने सिरीक द्वीप के पास एक अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया, जो दूरसंचार टावर पर हमले से जुड़ा था।
- शांति वार्ता में अड़चनें: इस भारी सैन्य तनाव के बीच दोनों देश 28 फरवरी से शुरू हुई जंग को खत्म करने के लिए प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, परमाणु दायित्वों, प्रतिबंधों को हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर विवाद अभी भी बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक सख्त शांति समझौता भेजा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस विवाद की मुख्य वजह क्या है?
दोनों देशों के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग को रोकने के लिए बातचीत चल रही है, लेकिन परमाणु शर्तों, प्रतिबंधों में ढील और होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर गंभीर मतभेद बने हुए हैं।
हालिया सैन्य झड़पों में क्या नुकसान हुआ है?
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की सेना ने कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया, जिसमें 7 अमेरिकी सैन्य कर्मी घायल हो गए। कुवैत ने सोमवार सुबह कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया।
