ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है, उसकी वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है, लेकिन इसमें ईरान की कोई गलती नहीं है। भारत के एक मीडिया संस्थान से बातचीत में उन्होंने साफ किया कि दुनिया को तेल और खाने के सामान की कीमतों की चिंता हो सकती है, लेकिन ईरान को सबसे पहले अपने नागरिकों की जान बचानी है।

ईरान ने शांति बहाली के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत के पक्ष में नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान ने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं जिनका पालन करना जरूरी होगा। ईरान का कहना है कि क्षेत्र में अस्थिरता की मुख्य वजह अमेरिका और इजरायल द्वारा थोपा गया युद्ध है। ईरान के अनुसार शांति तभी संभव है जब सुरक्षा की पूरी गारंटी दी जाएगी।

  • खाड़ी क्षेत्र से सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह बंद किया जाए।
  • अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए नुकसान की पूरी भरपाई की जाए।
  • ईरान समर्थक गुटों के खिलाफ चल रहे क्षेत्रीय संघर्षों को रोका जाए।
  • Strait of Hormuz के लिए एक नया कानूनी ढांचा तैयार किया जाए।

समुद्री रास्तों और व्यापार पर क्या होगा असर?

ईरान ने International Maritime Organization (IMO) को बताया है कि Strait of Hormuz से केवल उन्हीं जहाजों को सुरक्षित जाने दिया जाएगा जो ‘गैर-आक्रामक’ श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब है कि वे जहाज जो ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई में शामिल नहीं हैं और जिनका संबंध अमेरिका या इजरायल से नहीं है, वही वहां से गुजर सकेंगे। नीचे दी गई तालिका में ईरान की नई व्यापारिक नीतियों को समझा जा सकता है।

विषय ईरान का नया नियम और स्टैंड
जहाजों का आवागमन गैर-आक्रामक जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
ट्रांजिट चार्ज रास्ते के इस्तेमाल के लिए जहाजों से फीस वसूली जाएगी।
ईयू पर कार्रवाई यूरोपीय संघ की नौसेना को आतंकवादी घोषित करने की चेतावनी।
अमेरिकी प्रस्ताव अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को फिलहाल खारिज कर दिया गया है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com