ईरान के Isfahan शहर में स्थित Mobarakeh स्टील फैक्ट्री पर शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को हमला हुआ। इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की जान चली गई है और दो अन्य लोग घायल हुए हैं। ईरान की सरकारी मीडिया Tasnim न्यूज़ एजेंसी ने इस हमले की पुष्टि की है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और इसका सीधा असर पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी देखने को मिल रहा है।

हमले में क्या नुकसान हुआ और ईरान ने क्या कदम उठाए?

ईरान के अधिकारियों के मुताबिक Mobarakeh Steel Complex के पावर प्लांट और स्टील बनाने वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा Khuzestan Steel Industries पर भी हमले की खबर मिली है। ईरान की सेना IRGC ने इस घटना के बाद Strait of Hormuz को अपने दुश्मनों से जुड़े जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का दावा है कि उन्होंने एक Tomahawk मिसाइल और एक टोही ड्रोन को भी मार गिराया है। सुरक्षा कारणों से स्थानीय लोगों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर पड़ा?

इस युद्ध का असर अब ईरान की सीमाओं से बाहर अन्य देशों पर भी दिखने लगा है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे टेबल में दी गई हैं:

स्थान या देश प्रमुख घटनाक्रम
UAE एयर डिफेंस ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 9 ड्रोन को मार गिराया।
Kuwait Shuwaikh और Mubarak Al Kabeer पोर्ट पर ड्रोन हमले से नुकसान हुआ।
Israel ईरान के भीतर मिसाइल और एयर डिफेंस ठिकानों पर हमले की पुष्टि की।
United States राष्ट्रपति ट्रंप ने ऊर्जा संयंत्रों पर हमले न करने की समय सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ाई।
Lebanon बेरूत के दक्षिणी इलाकों और दक्षिणी लेबनान में बमबारी हुई।
Pakistan अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की कोशिश जारी है।

जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। जर्मनी ने भी ईरान से कहा है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता अपनाए। इस बीच इज़राइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान के हथियारों की क्षमता को खत्म करने के लिए हमले और तेज किए जाएंगे। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों और समुद्री रास्तों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.