ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। हालिया जानकारी के मुताबिक ईरान के दो सबसे बड़े स्टील प्लांट अब पूरी तरह से बंद हो गए हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में इन औद्योगिक इकाइयों को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों के बाद फैक्ट्रियों में उत्पादन का काम रोक दिया गया है।

किन स्टील फैक्ट्रियों को पहुंचा है नुकसान?

ईरान के खुज़ेस्तान (Khouzestan Steel Company) और मोबारकेह (Mobarakeh Steel Company) जैसे बड़े स्टील प्लांट हमलों का मुख्य निशाना बने हैं। मोबारकेह स्टील प्लांट के बिजली सबस्टेशन और पावर जनरेशन यूनिट्स में काफी खराबी आने की रिपोर्ट मिली है। जानकारों का कहना है कि नुकसान इतना ज्यादा है कि यह प्लांट लंबे समय तक शुरू नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा फौलाद अतिया (Foolad Atieh) फैक्ट्री पर भी हमला हुआ है, जहां सुरक्षा जांच के कारण काम को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है।

हमले के बाद की स्थिति और जवाबी कार्रवाई

इन हमलों के बाद ईरान की सेना ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इस्फ़हान के पास दो अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

  • चीन ने कहा है कि इन हमलों की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है।
  • ईरान के विदेश मंत्री ने हमलों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
  • इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स बताती हैं कि मोबारकेह स्टील प्लांट में कुछ कैजुअल्टी भी हुई हैं।
  • सऊदी न्यूज सोर्स के मुताबिक यह ईरान के बुनियादी ढांचे पर अब तक का बड़ा हमला है।

घटना से जुड़े मुख्य अपडेट

तारीख घटनाक्रम
27 मार्च 2026 ईरान के स्टील प्लांट और परमाणु केंद्रों पर शुरुआती हमला हुआ
30 मार्च 2026 मोबारकेह प्लांट में उत्पादन रुकने की खबर आई
2 अप्रैल 2026 दो बड़े प्लांट के पूरी तरह बंद होने की पुष्टि हुई
2 अप्रैल 2026 ईरान ने 2 अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन गिराने का दावा किया