ईरान के दो सबसे बड़े स्टील प्लांट, Khuzestan Steel Company और Mobarakeh Steel Company, अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद बंद हो गए हैं। ये हमले 31 मार्च और 2 अप्रैल 2026 के बीच हुए हैं, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों का कहना है कि इन प्लांटों में भारी नुकसान हुआ है और इन्हें दोबारा शुरू करने में छह महीने से एक साल तक का समय लग सकता है। इस हमले के बाद से ईरान के गैर-तेल निर्यात सेक्टर पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इन हमलों से स्टील प्लांटों को कितना नुकसान हुआ?

Khuzestan Steel Company के डिप्टी हेड मेहरान पाकबिन ने बताया कि क्षतिग्रस्त यूनिटों को फिर से शुरू करने में कम से कम 6 महीने से एक साल का समय लगेगा। Isfahan प्रांत में स्थित Mobarakeh Steel Company ने अपनी वेबसाइट पर पुष्टि की है कि लगातार हमलों की वजह से उनकी प्रोडक्शन लाइन पूरी तरह ठप हो गई है और फिलहाल काम जारी रखना संभव नहीं है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने भी यह जानकारी दी है कि खुज़ेस्तान स्टील प्लांट में रेडियोधर्मी स्रोतों वाले हिस्से इन हमलों से प्रभावित हुए हैं।

हमलों की समयरेखा और आधिकारिक बयान

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच यह सैन्य टकराव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसके बाद से लगातार औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाया जा रहा है। हमलों की प्रमुख घटनाओं को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

तारीख प्रमुख घटना
27 मार्च 2026 Khuzestan और Mobarakeh पर शुरुआती हमले, 1 की मौत और 15 घायल।
31 मार्च 2026 Mobarakeh Steel पर दूसरा भारी हमला, उत्पादन पूरी तरह प्रभावित।
2 अप्रैल 2026 प्लांट्स को आधिकारिक तौर पर सर्विस से बाहर घोषित किया गया।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाही ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला बताया है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि ये ऑपरेशन खतरों को खत्म करने और अपनी सुरक्षा के लिए किए गए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लांटों के संबंध ईरानी सेना से होने की वजह से इन्हें निशाना बनाया गया है, जबकि आम जनता इसे नागरिक उद्योगों पर सीधा हमला मान रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.