मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही सभी तरह की बातचीत को रोक दिया है और साथ ही समुद्री रास्तों पर जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरानी सैन्य कमांडरों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ अब सीधा मुकाबला होना तय लग रहा है और ईरानी जनता कभी हार नहीं मानेगी। इस बीच जलमार्गों पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के लिए ईरान ने नए नियम भी लागू कर दिए हैं जिससे समुद्री व्यापार करने वाले देशों की चिंता बढ़ गई है।

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत क्यों रोकी है?

ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसने अमेरिका के साथ सभी तरह के संपर्क और संदेशों के आदान-प्रदान को निलंबित कर दिया है। ईरानी बातचीत टीम का कहना है कि जब तक इसराइल लेबनान में अपने सैन्य हमलों को नहीं रोकता, तब तक कोई बातचीत नहीं की जाएगी। ईरान की मुख्य मांग है कि इसराइल को लेबनान और गाजा से अपनी सेना पूरी तरह वापस बुलानी होगी। इस वजह से मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत और शांति समझौतों के मसौदे पर विचार करने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है।

जहाज पर हमला और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नया नियंत्रण क्या है?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ओमान की खाड़ी में अपने जहाज एम/वी लियान स्टार पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में एमएससी सरिस्का वी (MSC Sariska V) नामक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया है। इसके अलावा, ईरान ने फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण का गठन किया है जो अब इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को नियंत्रित कर रहा है।

  • सुरक्षित मार्ग के लिए आवेदन: मई महीने की शुरुआत से अब तक 300 से अधिक गैर-ईरानी जहाजों ने इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने के लिए आवेदन किया है।
  • सैन्य निगरानी में पारगमन: पिछले 24 घंटों के भीतर ही 24 जहाजों ने ईरानी नौसेना के साथ तालमेल बिठाकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है।
  • सर्विस फीस: नया ईरानी प्राधिकरण अब इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों से सर्विस फीस भी वसूल रहा है।

अमेरिकी भूमिका पर ईरान का क्या रुख है?

ईरान के उप विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे पर टिप्पणी की है जिसमें उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री को बेरूत पर हमला न करने के लिए मनाने की बात कही थी। ईरानी मंत्री ने इसे इस बात का सीधा सबूत बताया है कि इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों को सीधे तौर पर अमेरिका ही संचालित और नियंत्रित कर रहा है। इसी बीच ईरानी हवाई रक्षा नेटवर्क के शीर्ष कमांडर ने दावा किया है कि उनके रक्षा तंत्र ने दुश्मनों के सैन्य उपकरणों को अब तक का सबसे भारी नुकसान पहुंचाया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने किस मालवाहक जहाज को निशाना बनाया है?

ईरान की सेना (IRGC) ने ओमान की खाड़ी में अपने जहाज एम/वी लियान स्टार पर हुए अमेरिकी हमले के बदले में ‘MSC Sariska V’ नामक कंटेनर जहाज पर हमला करने की पुष्टि की है।

क्या हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के नियम बदल गए हैं?

हां, ईरान ने फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण बनाया है। इसके तहत अब तक 300 से अधिक जहाजों ने सुरक्षित यात्रा के लिए आवेदन किया है और जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ तालमेल बिठाकर गुजरना पड़ रहा है।