Strait of Hormuz Update: ईरान ने बंद किया जलमार्ग, विदेशी जहाजों पर दागी गोलियां, अमेरिका और भारत में मचा हड़कंप
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। यहाँ ईरानी गार्ड्स ने विदेशी जहाजों पर गोलियां चलाईं और इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बंद करने का ऐलान किया। अमेरिका ने इसे युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन माना है, जिससे पूरी दुनिया में व्यापारिक संकट की स्थिति बन गई है।
क्या हुआ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में और कौन से जहाज निशाने पर थे?
18 अप्रैल 2026 को ईरान की IRGC नौसेना ने कई कमर्शियल जहाजों पर हमला किया। इसमें एक फ्रांसीसी जहाज और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, दो भारतीय जहाजों पर भी गोलीबारी हुई या उन्हें रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना के बाद भारत सरकार ने चिंता जताते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच अब क्या स्थिति है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की ये हरकतें युद्धविराम के खिलाफ हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर मामला नहीं सुलझा तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को तबाह कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बंद रास्ते की वजह से ईरान को हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है, जबकि अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
बातचीत और समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए?
इस विवाद को सुलझाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि 20 अप्रैल की शाम तक बातचीत के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुँचेंगे। उम्मीद है कि अगले हफ्ते वार्ता का दूसरा दौर होगा ताकि समुद्री रास्ता फिर से खुल सके और व्यापार सामान्य हो जाए।
| तारीख | घटना | प्रमुख प्रभाव |
|---|---|---|
| 17 अप्रैल 2026 | ईरान ने रास्ता खोलने का दावा किया | फ्रांस और यूके ने स्वागत किया |
| 18 अप्रैल 2026 | ईरान ने रास्ता बंद किया और हमला किया | ब्रिटिश, फ्रांसीसी और भारतीय जहाज प्रभावित |
| 19 अप्रैल 2026 | ट्रंप का बयान | युद्धविराम का उल्लंघन बताया |
| 20 अप्रैल 2026 | अमेरिकी प्रतिनिधि इस्लामाबाद रवाना | पाकिस्तान करेगा मध्यस्थता |
| वर्तमान स्थिति | IRGC का कड़ा नियंत्रण | किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं |