ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध रोकने की बातचीत चल रही है लेकिन ईरान इस समय खुद को काफी मजबूत स्थिति में मान रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान को लगता है कि वक्त उसके साथ है क्योंकि उसका प्रभाव Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री रास्ते पर है। इस वजह से बातचीत में उसका पलड़ा भारी दिख रहा है।

ईरान ने Strait of Hormuz पर कंट्रोल के लिए क्या किया?

  • नया अथॉरिटी: 21 मई 2026 को ईरान ने ‘Persian Gulf Strait Authority’ नाम की एक संस्था बनाई है जो इस समुद्री रास्ते को संभालेगी।
  • अनुमति जरूरी: अब सभी तेल टैंकरों को गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से मंजूरी लेनी होगी। इससे ईरान तय करेगा कि कौन सा जहाज वहां से गुजरेगा।
  • IRGC का दावा: ईरान की IRGC ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 26 जहाजों ने उनकी सुरक्षा और तालमेल के साथ रास्ता पार किया।
  • रणनीतिक फायदा: एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान चीन और रूस जैसे अपने सहयोगियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकता है।

अमेरिका और दुनिया के देशों का क्या रुख है?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि बातचीत आखिरी दौर में है लेकिन अगर सही डील नहीं हुई तो नए हमले हो सकते हैं। इस मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने ट्रंप की तारीफ की और ईरान से मौका मिलने पर शांति अपनाने को कहा। वहीं चीन और रूस ने अमेरिका और इसराइल के हमलों की निंदा की है और पूरी तरह युद्ध विराम की मांग की है।

ईरान ने अपनी क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि वे पाकिस्तान के जरिए मिले अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। ईरान की मुख्य मांग है कि उसके फ्रीज किए गए पैसे वापस दिए जाएं और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म की जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz क्यों जरूरी है?

यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है जहाँ से तेल के टैंकर गुजरते हैं। ईरान यहाँ अपना कंट्रोल बढ़ाकर अमेरिका और अन्य देशों पर दबाव बना रहा है।

क्या युद्ध रुक जाएगा?

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अंतिम दौर में है और पाकिस्तान बीच-बचाव कर रहा है, लेकिन ट्रंप ने डील न होने पर नए हमलों की चेतावनी दी है।