Iran का बड़ा बयान, Strait of Hormuz को खोलना अब हुआ नामुमकिन, अमेरिका और इजराइल पर लगाया गंभीर आरोप
ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ कह दिया है कि Strait of Hormuz को फिर से खोलना अभी संभव नहीं है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी और इजराइल की हरकतों को जिम्मेदार ठहराया है। गालिबाफ का मानना है कि जब तक दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बनाना बंद नहीं होगा, तब तक कोई रास्ता नहीं निकलेगा।
Strait of Hormuz क्यों नहीं खुलेगा और ईरान की क्या शर्त है?
ईरान के मुख्य वार्ताकार गालिबाफ ने 23 अप्रैल 2026 को कहा कि युद्धविराम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि पूरा युद्धविराम तभी माना जाएगा जब समुद्री नाकाबंदी खत्म होगी और सभी मोर्चों पर इजरायली हमले रुकेंगे। गालिबाफ के मुताबिक सैन्य दबाव और धमकियों से उनके विरोधी अब तक कुछ हासिल नहीं कर पाए हैं और आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका ईरानी जनता के अधिकारों को मानना है।
जहाजों पर हमला और नाकाबंदी का क्या है ताज़ा मामला?
22 अप्रैल 2026 को ईरान ने Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर गोलीबारी की थी, जिनमें से दो को जब्त कर लिया गया। जब्त जहाजों में एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास शामिल हैं, जिनमें से एक का संबंध इजराइल से बताया गया है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने भी बुधवार को इन हमलों की पुष्टि की थी। ये घटनाएँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा नाकाबंदी जारी रखने के फैसले के बाद हुई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि तनाव की असली वजह अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयां हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं। वहीं राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान बातचीत तो करना चाहता है, लेकिन नाकाबंदी और धमकियां इसमें सबसे बड़ी रुकावट हैं। दूसरी तरफ यूएस सेंटकॉम ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि जहाज नाकाबंदी तोड़कर निकल गए थे।