Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है, लेकिन अब यहाँ से गुज़रना मुश्किल हो गया है। ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है और अब यहाँ से गुज़रने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस ली जाएगी। अमेरिका की नौसेना ने भी ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की किल्लत होने का डर है।

ईरान ने क्यों लगाया ट्रांजिट फीस और किन देशों को मिली छूट?

ईरान ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर खर्चा बढ़ा है, इसलिए अब जहाजों से फीस ली जाएगी। ईरान के संसद सदस्य हामिद रज़ा हाजी बाबाए ने बताया कि यह पैसा सीधे सेंट्रल बैंक में जमा होगा। हालांकि, रूस जैसे करीबी देशों को इस फीस से छूट दी गई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों के लिए यहाँ से गुज़रना मना करने का बिल भी लाया गया है, जिस पर अभी मंजूरी बाकी है।

समुद्री रास्ते की क्या हालत है और कितने जहाज गुज़र रहे हैं?

पहले इस रास्ते से रोज़ाना करीब 140 जहाज गुज़रते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर मात्र 5 रह गई है। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के सभी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से 33 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। सुरक्षा कारणों से कई जहाज रास्ते के दोनों तरफ खड़े हैं। ईरान की IRGC ने दो कंटेनर जहाजों, EPAMINONDAS और MSC FRANCESCA को भी जब्त कर लिया है क्योंकि उन्होंने ईरानी नियमों का उल्लंघन किया था।

आम आदमी और ग्लोबल मार्केट पर क्या होगा असर?

Strait of Hormuz से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और LNG सप्लाई होती है। इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर ईरान ने समुद्र में माइन्स बिछाने की कोशिश की तो अमेरिकी नौसेना उन नावों को नष्ट कर देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच पक्का समझौता नहीं होता, तब तक जहाजों के लिए यह रास्ता सुरक्षित नहीं रहेगा।

Sushma Kumari

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