ईरान की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया है। ईरान के इस कदम से खाड़ी देशों और पूरी दुनिया के तेल बाजार में भारी हलचल मच गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है। ईरान ने इसे एक सैन्य अभ्यास का हिस्सा बताया है, लेकिन इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

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क्या है पूरा मामला और रास्ता बंद करने की मुख्य वजह?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 17 और 18 फरवरी 2026 को “स्मार्ट कंट्रोल ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज” नाम से सैन्य अभ्यास शुरू किया। इस दौरान सुरक्षा कारणों और लाइव-फायर ड्रिल की वजह से समुद्र के इस महत्वपूर्ण रास्ते को कुछ घंटों के लिए बंद रखा गया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, यह अभ्यास अपनी सुरक्षा ताकत को दिखाने के लिए किया गया था। इस दौरान तट से मिसाइलें भी दागी गईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

भारत और खाड़ी देशों पर इस फैसले का क्या असर होगा?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे जरूरी तेल मार्ग माना जाता है क्योंकि दुनिया के कुल तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा यहीं से गुजरता है। अगर यह रास्ता ज्यादा समय के लिए बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है। भारत जैसे देशों के लिए यह बहुत बड़ी चिंता की बात है।

  • भारत का आयात: भारत अपनी जरूरत का 40 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगाता है।
  • गैस की सप्लाई: भारत के 50 प्रतिशत से ज्यादा एलएनजी (LNG) का आयात भी इसी मार्ग पर निर्भर है।
  • खाड़ी देशों पर असर: सऊदी अरब और यूएई जैसे बड़े तेल निर्यातक देश अपनी अर्थव्यवस्था के लिए पूरी तरह इसी रास्ते पर निर्भर हैं।

तेल की कीमतों में क्या बदलाव देखने को मिले?

ईरान की इस कार्रवाई के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। सैन्य अभ्यास की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ गईं, हालांकि बाद में इनमें थोड़ी गिरावट भी दर्ज की गई।

तेल का प्रकार कीमत (बढ़त के बाद) गिरावट के बाद की स्थिति
ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $67.50 प्रति बैरल $67.03 प्रति बैरल
अमेरिकी तेल (US Oil) $62.06 प्रति बैरल

विशेषज्ञों का कहना है कि इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है। अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक यह एक साझा रास्ता है, लेकिन ईरान इसे लेकर अपने कड़े नियम लागू करने की कोशिश करता रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com