ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए बंद करने के फैसले को पूरी तरह जायज ठहराया है। ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव से बातचीत में कहा कि यह एक तटीय देश के रूप में ईरान का कानूनी अधिकार है। इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी अब ईरानी अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

ईरान के इस फैसले का समुद्री रास्तों पर क्या असर होगा?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने साफ कर दिया है कि यह रास्ता अब अमेरिकी और इजरायली दुश्मनों के जहाजों के लिए बंद है। 27 मार्च 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, ईरान ने तीन मालवाहक जहाजों को चेतावनी देकर वापस भेज दिया है। फिलहाल इस इलाके में जहाजों को एक नए रूट से भेजा जा रहा है जो लाराक द्वीप (Larak Island) के पास से गुजरता है। इस बदलाव की वजह से ओमान अब जहाजों के रुकने और रास्ता बदलने का सबसे मुख्य केंद्र बन गया है। दक्षिण कोरिया जैसे देशों को भी अब वहां से गुजरने के लिए ईरान की मंजूरी लेनी पड़ रही है।

भारत और अन्य देशों ने इस स्थिति पर क्या कहा है?

भारत सरकार के बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए किसी देश की अनुमति की जरूरत नहीं होती है। वहीं अमेरिका और G7 देशों ने ईरान के इस कदम को खतरनाक और गैर-कानूनी बताया है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे सामान की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।

देश/संस्था वर्तमान स्थिति और फैसला
ईरान दुश्मन देशों के जहाजों के लिए रास्ता बंद किया
अमेरिका ईरान को 6 अप्रैल तक की नई डेडलाइन दी
भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए अनुमति को गैर-जरूरी बताया
इजरायल ईरान पर हमले तेज करने की चेतावनी दी
ओमान जहाजों के लिए नया ट्रांजिट हब बना
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.