ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी Mehdi Tabatabaei ने बयान दिया है कि ईरान Strait of Hormuz को तभी खोलेगा जब उसे युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा. यह मुआवजा ट्रांजिट फीस के जरिए एक नए सिस्टम के तहत लिया जाएगा. इस स्थिति के कारण पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है और कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ना तय है.

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जहाजों के लिए ईरान ने कौन से नए नियम बनाए हैं?

ईरान अब Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की योजना पर काम कर रहा है. इसके लिए जहाजों को ईरान के पास रजिस्टर होना पड़ेगा और गैर-दुश्मन देशों के झंडे लगाने होंगे. ईरान ने साफ़ किया है कि कुछ खास देशों के लिए रास्ते बंद रहेंगे और बाकियों को मोटी फीस देनी होगी. ईरान की एक कमेटी ने इस टोल टैक्स के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है.

  • अमेरिका और इसराइल के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी
  • भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को ईरान ने नॉन-होस्टाइल देशों की लिस्ट में रखा है
  • रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ टैंकरों से अनौपचारिक रूप से 2 मिलियन डॉलर तक की फीस ली गई है
  • मलेशिया ने जानकारी दी है कि उसके जहाज फिलहाल कोई टोल नहीं दे रहे हैं

अमेरिका की धमकी और क्षेत्र में मौजूदा स्थिति क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए सोमवार तक का समय दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर रास्ता नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा. इस बीच खाड़ी के अन्य देशों में भी हलचल तेज हो गई है क्योंकि कुवैत के ऊर्जा केंद्रों पर ड्रोन हमले से नुकसान की खबरें मिली हैं. ओमान लगातार कोशिश कर रहा है कि बातचीत के जरिए कोई सुरक्षित प्रोटोकॉल निकल सके ताकि समंदर में जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके. बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तनाव के कारण इस महीने रास्ता खुलने की उम्मीद काफी कम है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.