Strait of Hormuz Blockade: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को खोलने के लिए रखी कड़ी शर्तें, अमेरिका के सामने रखी 6 बड़ी मांगें.

फारस की खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz यानी हॉर्मूज जलडमरूमध्य तभी खोला जाएगा जब अमेरिका उनकी सभी शर्तें पूरी करेगा। ईरान के इस कड़े रुख से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां आने-जाने वाले लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से व्यापार और तेल की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है।
ईरान की छह बड़ी और सख्त मांगें
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर Mohammad Bagher Zolghadr ने 7 अगस्त और 8 अगस्त 2026 को एक बयान में बताया कि अमेरिका को अपना रवैया पूरी तरह बदलना होगा। ईरान ने इस रास्ते को दोबारा शुरू करने के लिए कुल छह मुख्य शर्तें रखी हैं। इन शर्तों में अमेरिका द्वारा ईरान और उसके मूल्यों को धमकाना बंद करना, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों जैसे कि हिजबुल्लाह, हमास और हूती के खिलाफ सैन्य कार्रवाई हमेशा के लिए रोकना शामिल है। इसके अलावा, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना और वायु सेना को हटाने की भी मांग की है जो ईरान के अनुसार इस नाकेबंदी में शामिल हैं।
नुकसान का मुआवजा और प्रतिबंध हटाने की मांग
ईरान ने साल 2025 और 2026 के दौरान हुए संघर्षों में उसे हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान की रोकी गई या फ्रीज की गई संपत्तियों को बिना किसी शर्त के तुरंत जारी करने की बात कही है। ईरानी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि चाहे युद्ध हो या फिर बातचीत, वे अपनी इन मांगों से पीछे नहीं हटने वाले हैं। अमेरिका ने 14 जुलाई 2026 को ईरानी बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों पर फिर से नाकेबंदी लगा दी थी, जिसके बाद से बातचीत पूरी तरह से रुकी हुई है।
व्यापारी जहाजों पर हमले और खाड़ी देशों पर असर
इस नाकेबंदी और तनाव के बीच पिछले कुछ हफ्तों में कई बड़े हादसे भी सामने आए हैं। 14 जुलाई 2026 से लेकर अब तक नियमों का पालन न करने पर 49 कमर्शियल जहाजों को वापस भेजा गया है और 2 जहाज खराब हो चुके हैं। इसके अलावा 8 अगस्त 2026 को यूएई की सरकारी तेल और गैस कंपनी ADNOC का एक जहाज इस रास्ते से गुजर रहा था जिस पर ईरानी मिसाइल से हमला हुआ। इस हमले की वजह से जहाज में आग लग गई गनीमत यह रही कि किसी भी कर्मचारी या व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इस घटना की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 8 अगस्त 2026 को कहा कि समझौता करने के लिए यह सबसे सही समय है, लेकिन तेहरान अपने लोगों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और ना ही किसी के दबाव में झुकेगा। ओमान के साथ किसी अलग समझौते की खबरों को खारिज करते हुए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया कि इस जलडमरूमध्य का पूरा खुलना अभी भी इन बड़ी शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर करता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि तनाव बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी और उड़ानों पर असर पड़ सकता है।