ईरान ने फिर संभाला Strait of Hormuz का कंट्रोल, सुप्रीम लीडर ने अमेरिका और इसराइल को बताया कमजोर
ईरान में Army Day के मौके पर सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने सेना की जमकर तारीफ की और अमेरिका और इसराइल को कमजोर बताया। इसी बीच ईरान ने Strait of Hormuz पर फिर से अपना सख्त कंट्रोल लागू कर दिया है और वहां एक टैंकर पर फायरिंग भी हुई है। इस तनाव की वजह से समुद्री रास्तों पर फिर से खतरा बढ़ गया है और जहाजों को वापस लौटना पड़ रहा है।
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Strait of Hormuz में क्या हुआ और क्यों?
ईरान ने 17 अप्रैल को कहा था कि Strait of Hormuz व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है, लेकिन अगले ही दिन यह फैसला बदल दिया गया। ईरान के Joint Military Command ने ऐलान किया कि अब यह रास्ता फिर से सेना के सख्त कंट्रोल में है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके पोर्ट्स की नाकाबंदी करेगा, तब तक वह भी इस समुद्री रास्ते को बंद रखेगा। 18 अप्रैल को ईरानी नावों ने एक टैंकर पर गोली चलाई, जिससे डरकर कई जहाज वापस मुड़ गए।
अमेरिका और ईरान की बातचीत का क्या हाल है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि ईरान अमेरिका को ब्लैकमेल न करे। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत पूरा समझौता नहीं हो जाता। वहीं, ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Saeed Khatibzadeh ने कहा कि अभी बातचीत की कोई तारीख तय नहीं है क्योंकि अमेरिका अपनी पुरानी और सख्त जिद पर अड़ा है। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है और नए प्रस्ताव भेज रहा है।
युद्ध में अब तक कितना हुआ नुकसान?
फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। लेबनान में भी स्थिति खराब है, जहाँ एक UN शांति सैनिक की मौत हो गई और Hezbollah पर इसका शक है। नीचे दी गई टेबल में अब तक के नुकसान का ब्यौरा है।
| देश/क्षेत्र | मृतकों की संख्या |
|---|---|
| ईरान | 3,000 से ज्यादा |
| लेबनान | 2,290 से ज्यादा |
| इसराइल | 23 |
| अमेरिका | 13 सैनिक |
| खाड़ी देश | एक दर्जन से ज्यादा |