Strait of Hormuz: ईरान की नई शर्तों से तेल के दाम में भारी उछाल, अमेरिका और तेहरान के बीच तनातनी जारी

वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लौटने की उम्मीदों को उस समय करारा झटका लगा जब 10 अगस्त 2026 को दुनिया भर में तेल की कीमतों में अचानक तेजी दर्ज की गई। होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर ईरान की तरफ से रखी गई नई और कड़ी शर्तों के बाद बाजार में चिंता का माहौल बन गया है। आम आदमी और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि ईंधन महंगा होने से रोजमर्रा की चीजें भी प्रभावित हो सकती हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच शर्तों का दौर
ईरान सरकार ने साफ कर दिया है कि ओमान के साथ नए शिपिंग लेन तय करने का समझौता भले ही अपने अंतिम चरण में है, लेकिन महत्वपूर्ण जलमार्ग तभी पूरी तरह से खुलेगा जब अमेरिका उसकी सभी शर्तें मान लेगा। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, जब तक अमेरिका ईरान पर हुए हमलों का मुआवजा नहीं देता और अपनी नीतियां नहीं बदलता, तब तक रास्ते पूरी तरह नहीं खुलेंगे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने भी स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच इस मामले पर कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है और जब तक अमेरिका जून में हुए अंतरिम समझौते का उल्लंघन करता रहेगा, तेहरान खुद पहल नहीं करेगा।
अमेरिका पर लगाए गए गंभीर आरोप
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और उसके सचिव मोहम्मद बाघेर् ज़ोलघाद्र द्वारा पहले ही यह बात साफ कर दी गई थी कि अमेरिका को ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ चल रहे युद्ध और आक्रामकता को रोकना होगा। इसके अलावा नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, सभी प्रतिबंधों को खत्म करने, ईरान की जमी हुई संपत्ति को रिहा करने और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करने जैसी शर्तें भी शामिल हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी 9 अगस्त 2026 को यह चेतावनी दी थी कि जब तक अमेरिका ये मांगें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को युद्ध का मैदान माना जाएगा और यह पूरी तरह नहीं खुलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 अगस्त 2026 को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका इस मामले में बहुत ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने से बच रहा है और केवल सीमित बातचीत कर रहा है, जिससे साफ होता है कि अमेरिका आर्थिक दबाव बनाए रखना चाहता है।
खाड़ी देशों में सुरक्षा और व्यापार पर असर
इस क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब के एक ऑयल प्लांट पर Houthis द्वारा ड्रोन हमले की खबर आई है, और संयुक्त अरब अमीरात ने भी संघर्ष शुरू होने के बाद से अपनी 15 ADNOC जहाजों पर हमलों की पुष्टि की है। समुद्री मामलों के जानकारों का मानना है कि ईरान को टोल वसूलने की अनुमति देना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता के मूल सिद्धांत को पूरी तरह तबाह कर देगा। अमेरिका का भी यही रुख है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। ओमान के साथ नए रास्तों पर चर्चा के बावजूद, हमलों के खतरे और भारी भरकम युद्ध जोखिम बीमा के कारण यह रास्ता सामान्य व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग बंद है और यहां का ट्रैफिक सामान्य दिनों के मुकाबले बहुत कम बचा है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक जमीन पर कोई ठोस शांति समझौता नहीं होता, तब तक बाजार में जोखिम बना रहेगा और गैस तथा तेल के दाम बढ़ सकते हैं।