ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने साफ कर दिया है कि हॉर्मुज की खाड़ी यानी Strait of Hormuz दुनिया भर के जहाजों के लिए खुली है। हालांकि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए यह रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा। यह बयान मार्च 2026 में चल रहे क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है। ईरान इसे अपनी रक्षा के लिए उठाया गया कदम बता रहा है और दूसरे देशों को सुरक्षित निकलने का भरोसा दिया है।

किन देशों के जहाजों पर रहेगी पाबंदी और क्या हैं नए नियम?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी केवल उन देशों के जहाजों और टैंकरों पर है जिन्हें वह अपना दुश्मन मानता है। इसमें मुख्य रूप से अमेरिका और इजरायल के जहाज शामिल हैं। बाकी देशों के व्यापारिक जहाजों के लिए नियम इस प्रकार हैं:

  • जो देश इस युद्ध या विवाद में शामिल नहीं हैं, वे ईरान की सैन्य अनुमति लेकर वहां से गुजर सकते हैं।
  • भारत, चीन, पाकिस्तान और रूस जैसे देशों के साथ ईरान इस बारे में सीधी बातचीत कर रहा है।
  • सुरक्षित यात्रा के लिए IRGC ने एक नया रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू किया है।
  • जहाजों को अब अपनी मालकियत और सामान की पूरी जानकारी ईरान को देनी होगी।
  • आदेश न मानने वाले जहाजों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

आम व्यापार और समुद्री ट्रैफिक पर क्या होगा असर?

तनाव की वजह से हॉर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले समुद्री ट्रैफिक में 70 से 95 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई है। सुरक्षा चिंताओं के कारण जहाजों के इंश्योरेंस रेट में 4 से 6 गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है। ईरान ने अब एक सुरक्षित शिपिंग कॉरिडोर बनाया है जो लारक द्वीप (Larak Island) के पास से गुजरता है। कुछ टैंकरों ने भारी फीस चुकाकर और ईरान से अनुमति लेकर इस रास्ते का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को भी भरोसा दिया है कि वह सुरक्षित नेविगेशन के पक्ष में है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.