हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बीते 27 जुलाई 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ ईरान ने छह जहाजों को अपनी समुद्री सीमा में बिना अनुमति के घुसते हुए रोका। इन जहाजों ने अपने नेविगेशन और पोजीशनिंग सिस्टम को बंद कर रखा था ताकि वे किसी की पकड़ में न आएं। इस दौरान एक जहाज के साथ दुर्घटना भी हुई है, जबकि बाकी पांच जहाजों को ईरानी अधिकारियों ने अपने कब्जे में लेकर वापस फारस की खाड़ी (Persian Gulf) भेज दिया है।

क्या है ईरान का नया नियम

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने साफ किया है कि अब इस क्षेत्र से गुजरने वाले हर जहाज को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना जरूरी है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो जहाज उनके नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। ईरान की नई Persian Gulf Strait Authority अब जहाजों से ट्रांजिट के लिए अधिकृत अनुमति, कार्गो की पूरी जानकारी और सर्विस फीस वसूलने का काम कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों के साथ विवाद

ईरान का यह कदम संयुक्त राष्ट्र के UNCLOS नियमों के विपरीत है, जिसके तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य को एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है जहाँ जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ईरान का कहना है कि यह उनका क्षेत्रीय जल क्षेत्र है। इस मुद्दे पर International Maritime Organization और UN Security Council ने पहले ही ऐसी किसी भी कार्रवाई की निंदा की है जो अंतरराष्ट्रीय नौवहन में बाधा डालती है। उसी दिन हॉर्मुज में एक तेल टैंकर में विस्फोट की खबर भी आई है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इसका संबंध इन छह जहाजों की घटना से नहीं जोड़ा है।

Nura Basta

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