ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं. अब किसी भी कमर्शियल जहाज को वहां से निकलने के लिए IRGC से मंजूरी लेनी होगी. यह फैसला इसराइल और लेबनान के बीच हुए युद्धविराम के बीच आया है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इस अहम समुद्री रास्ते पर टिकी हैं.

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नियम क्या हैं और कौन गुजर सकता है?

ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि कमर्शियल जहाज केवल एक तय रास्ते से ही गुजर सकेंगे और इसके लिए उन्हें IRGC नेवी की अनुमति लेनी होगी. वहीं, मिलिट्री जहाजों के लिए इस रास्ते से गुजरना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जानकारी दी कि इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम खत्म होने तक कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा.

अमेरिका और अन्य देशों का क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस फैसले का स्वागत किया कि रास्ता खुला है. लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ईरानी बंदरगाहों और जहाजों पर अमेरिकी मिलिट्री की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई अंतिम शांति समझौता नहीं हो जाता. वहीं, नॉर्वेजियन शिपोनर्स एसोसिएशन ने कहा कि वे इस रास्ते का इस्तेमाल करने से पहले वहां मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी चाहते हैं.

विषय/संस्था मुख्य जानकारी
ईरान सैन्य अधिकारी कमर्शियल जहाजों को IRGC की अनुमति लेनी होगी, मिलिट्री जहाज प्रतिबंधित हैं
अब्बास अराघची युद्धविराम तक कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह खुला है
डोनाल्ड ट्रंप रास्ता खुलने का स्वागत किया, लेकिन ईरान की नाकाबंदी जारी रहेगी
नॉर्वेजियन एसोसिएशन समुद्री सुरंगों और ईरानी शर्तों पर स्पष्टता की मांग की
युद्धविराम 17 अप्रैल 2026 से इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम शुरू हुआ
पिछला रिकॉर्ड फरवरी 2026 से रास्ता बंद था, केवल 15 जहाज रोज गुजर सकते थे
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.