ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्तों में से एक, Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया है। इस कदम से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

20 जून 2026 को ईरान की सेना ने दावा किया कि उन्होंने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके बीच हुए समझौते (MoU) का उल्लंघन किया है और इसराइल लगातार लेबनान के हिज़्बुल्लाह समूह पर हमले कर रहा है। ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी भी जारी की है।

वहीं दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि जलमार्ग बंद होने का कोई सबूत नहीं मिला है। US Central Command (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी है कि इस रास्ते से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही असल में बढ़ी है और अमेरिकी सेना वहां तैनात है ताकि रास्ता खुला रहे और जहाजों को कोई परेशानी न हो।

विशेषज्ञ Alexandru Hudisteanu ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान जिस तरह इस जलमार्ग को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है, उससे वह दुनिया में पूरी तरह अकेला पड़ सकता है। उन्होंने आगाह किया कि यह तरीका आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की छवि को खराब करेगा और उसे एक ऐसा देश बना सकता है जिससे दुनिया दूरी बना ले।

समझौते और विवाद की मुख्य बातें

  • 15 जून 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और जलमार्ग खोलने का समझौता किया था।
  • 19 जून 2026: इस समझौते (MoU) पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर होने थे, जिस पर UN विशेषज्ञों ने मानवाधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।
  • शुल्क विवाद: अमेरिका चाहता है कि रास्ता लंबे समय तक मुफ्त रहे, जबकि ईरान 60 दिनों के बाद फिर से ‘सर्विस फीस’ वसूलना चाहता है।
  • सुरक्षा चेतावनी: May 29 को अमेरिकी नौसेना ने जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे ईरान के बनाए किसी भी नए प्राधिकरण (PGSA) के बजाय अमेरिकी अधिकारियों से तालमेल रखें।

ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों को मानता है, लेकिन अगर उसकी सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा महसूस हुआ, तो वह अमेरिका, इसराइल या उनके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को रास्ता देने से मना कर सकता है।