ईरान ने फिर कसा Strait of Hormuz पर शिकंजा, अमेरिका की नाकाबंदी के बाद लगाया सख्त मिलिट्री कंट्रोल

ईरान ने एक बार फिर Strait of Hormuz पर अपना सख्त मिलिट्री कंट्रोल लागू कर दिया है. पहले ईरान ने इस समुद्री रास्ते को खोलने का ऐलान किया था, लेकिन अब अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी के कारण यह फैसला पलट दिया गया है. इस कदम से अब इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों के लिए नियम बदल गए हैं और तनाव बढ़ गया है.

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ईरान ने अब क्या नए नियम लागू किए हैं?

IRGC Navy ने नए निर्देश जारी किए हैं जिसके मुताबिक अब सिर्फ वही सिविलियन जहाज गुजर सकेंगे जो ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों का इस्तेमाल करेंगे. किसी भी जहाज को इस रास्ते से निकलने के लिए ईरान की नेवल अथॉरिटी से पहले मंजूरी लेनी होगी. अमेरिका और इसराइल जैसे देशों से जुड़े जहाजों और उनके माल को यहाँ से आने-जाने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही, सभी मिलिट्री जहाजों के आने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है.

अमेरिका का इस पूरे मामले पर क्या स्टैंड है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि Strait of Hormuz पूरी तरह खुला है और व्यापार के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ किया कि ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक परमाणु कार्यक्रम सहित सभी समझौतों पर 100% सहमति नहीं बन जाती. US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, 13 अप्रैल से इस नाकाबंदी को लागू किया गया है और कई जहाजों को वापस ईरानी बंदरगाहों की तरफ मोड़ा गया है.

प्रमुख घटनाओं की समयसीमा

तारीख घटना
12 अप्रैल 2026 राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने Strait of Hormuz की नाकाबंदी का ऐलान किया
13 अप्रैल 2026 ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी शुरू हुई
16 अप्रैल 2026 इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता हुआ
17 अप्रैल 2026 ईरान ने सभी कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता खोलने की घोषणा की
18 अप्रैल 2026 ईरान ने फिर से सख्त मिलिट्री कंट्रोल लागू कर दिया

इस तनाव का असर ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ा है और तेल की कीमतों में अनिश्चितता बनी हुई है. वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अपने छह एयरपोर्ट दोबारा खोल दिए हैं जिनमें तेहरान का इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने भी इस मामले में मध्यस्थता के लिए तेहरान का दौरा किया था.